ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था की विफलता से पेंशनरों पर गहराया जीवन का संकट- डॉ. जे.पी.एल
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साइबर कैफे वालों द्वारा शोषण और धन के अभाव में गंभीर मरीजों का इलाज अटका; तत्काल ऑफलाइन व्यवस्था लागू करें सरकार - रूपेश
हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर 22 अक्टूबर, गुरूवार
राजकीय सिविल पेंशनर्स प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण बैठक के प्रकोष्ठ के कैम्प कार्यालय राम जानकी नगर गोरखपुर में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे.पी.एल. ने की तथा संचालन संयोजक रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ. जे.पी.एल. एवं संयोजक रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पेंशनरों के लिए लागू की गई ऑनलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरने और फाइल प्रोसेस होने की कोई सुचारू व्यवस्था न होने के कारण पेंशनरों के सामने जीवन रक्षा का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पैसों के अभाव में इलाज बाधित: गंभीर बीमारियों से पीड़ित और अस्पतालों में भर्ती पेंशनर्स को समय पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति का पैसा न मिलने से आगे का इलाज जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया है।
ऑनलाइन पोर्टल की जटिलताओं के कारण मजबूर वृद्ध पेंशनरों से साइबर कैफे वाले मनचाहा पैसा वसूल रहे हैं। हद तो यह है कि फॉर्म पूरा ऑनलाइन न होने या टेक्निकल एरर आने पर भी वे पूरा चार्ज वसूल कर रहे हैं।
राजकीय सिविल पेंशनर्स प्रकोष्ठ ने सर्वसम्मति से मांग की है कि सेवारत एवं सेवानिवृत्त (पेंशनर) कर्मचारियों के लिए तत्काल प्रभाव से पुरानी ऑफलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था लागू की जाए, ताकि वृद्ध व बीमार पेंशनरों को राहत मिल सके।
यदि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में OPD सहित सभी जांचों और एक घंटे के भीतर त्वरित स्वीकृति का स्पष्ट प्रावधान जोड़ा जाए, ताकि यह योजना प्रदेश के लाखों कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए सच्चे अर्थों में संजीवनी साबित हो। और इलाज में कर्मचारियों को अपने जेब से कहीं भी पैसे देना ना पड़े ये सुनिश्चित किया जाए l
आशा है कि शासन प्रशासन इस जनहित एवं कर्मचारी हित के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए यथोचित संशोधन एवं दिशा-निर्देश जारी करेगा।
