राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में किया प्रदर्शन, सीएमओ कार्यालय पहुंचकर जताई नाराजगी
हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर 16 अक्टूबर शुक्रवार
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति की जटिल ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में आज जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद ने मांग की है कि सेवारत कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के साथ-साथ पहले से चली आ रही ऑफलाइन व्यवस्था को भी अनिवार्य रूप से लागू रखा जाए।
विरोध प्रदर्शन के पश्चात संगठन के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के कार्यालय पहुंचा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर पदाधिकारियों ने कार्यालय के अन्य कर्मचारियों से मुलाकात की और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की ऑनलाइन तथा ऑफलाइन प्रक्रियाओं में कर्मचारियों व पेंशनरों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की।
परिषद् के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा भी निरंतर मिलनी चाहिए ताकि किसी को इलाज या भुगतान में असुविधा न हो। वहीं, मदन मुरारी ने अपने बयान में कहा कि जब तक विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल का पूर्ण एवं सुचारू प्रशिक्षण न मिल जाए, तब तक यह नई व्यवस्था जबरन लागू नहीं की जानी चाहिए।
इसी क्रम में सौरभ श्रीवास्तव ने मांग उठाई कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान SGPGIMS की तय दरों के बजाय वास्तविक प्राइवेट अस्पतालों की प्रचलित दरों के आधार पर किया जाए, क्योंकि वर्तमान दरें वास्तविक खर्चों की तुलना में काफी कम हैं। अशोक पांडे, जनमेजय पांडे और अनूप ने भी संयुक्त बयान जारी कर सरकार की इस जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया की निंदा की।
परिषद ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि एनपीएस (NPS) के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति और कैशलेस कार्ड का लाभ दिया जाए, क्योंकि सेवानिवृत्ति के बाद उनके पास ऐसा कोई सहारा नहीं है। इसके अलावा, 1 अक्टूबर से पहले के सभी लंबित बिलों का निस्तारण अनिवार्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से करने की मांग की गई। परिषद ने यह मुद्दा भी उठाया कि वर्ष 2022 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के पास eHRMS कोड उपलब्ध न होने के कारण वे पोर्टल पर आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।
इसके साथ ही, बिलों से की जा रही 10% आयकर कटौती को तुरंत बंद करने, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा कार्ड को सभी अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाओं के साथ प्रभावी ढंग से लागू करने तथा ऑनलाइन प्रणाली की जटिलताओं को दूर करने के लिए विशेष शिविर लगाकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की पुरजोर मांग की गई।

