Type Here to Get Search Results !

https://www.facebook.com/humbharti.newslive

घूंघट की बेड़ियां तोड़ बनीं ‘ब्रांड ओनर’: बीए पास रानी ने ₹1.5 लाख की पूंजी से किया ₹4 लाख का कारोबार

 हम भारती न्यूज़ 

मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह 

संभल से खास खबर 


घूंघट की बेड़ियां तोड़ बनीं ‘ब्रांड ओनर’: बीए पास रानी ने ₹1.5 लाख की पूंजी से किया ₹4 लाख का कारोबार



बीए पास महिला ने पीली सरसों के तेल व मसालों का खड़ा किया ब्रांड, साल में करीब ₹3 लाख की शुद्ध आय


सरस आउटलेट और मेलों में गूंजी ‘सिद्ध बाबा’ की धमक, रोडवेज मेले में एक झटके में ₹64 हजार के उत्पादों की बिक्री


बहजोई (सम्भल), 08 सितम्बर 2026 घूंघट और चूल्हे-चौके की तयशुदा जिंदगी से बाहर निकलकर अगर सही अवसर मिले, तो गांव की महिलाएं अपनी तकदीर खुद लिख सकती हैं। विकास खंड बहजोई के अलावलपुर गांव की 33 वर्षीय बीए पास रानी शर्मा ने इसे हकीकत में बदलकर दिखाया है। कभी घर की चौखट तक सीमित रहने वाली रानी वर्ष 2022 में दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डे-एनआरएलएम) से जुड़ीं और अपनी झिझक को पीछे छोड़ते हुए आज ‘सिद्ध बाबा’ नाम से खाद्य उत्पादों का सफल कारोबार कर रही हैं। अब तक वह ₹4 लाख से अधिक के उत्पादों की बिक्री कर चुकी हैं और सालाना करीब ₹3 लाख की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं।

हिचक टूटी तो खुली तरक्की की राह

वर्ष 2022 में रानी शर्मा ने ‘सिद्ध बाबा महिला स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। समूह के माध्यम से ₹1.5 लाख का सीसीएल ऋण लेकर उन्होंने कृषि कार्य के साथ समूह की जरूरतमंद महिलाओं को भैंस खरीदने में भी आर्थिक सहयोग दिया, जिससे उनके परिवारों के लिए आय का नया स्रोत तैयार हुआ।

मसालों और तेल से बनाया अपना ब्रांड

वर्ष 2025 में ₹1.5 लाख के सीआईएफ फंड से रानी ने गांव में खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की। यहां शुद्ध पिसे मसाले, पीली सरसों का कच्ची घानी तेल और मल्टीग्रेन आटा तैयार कर ‘सिद्ध बाबा’ ब्रांड के नाम से बेचा जा रहा है। पिसाई और पैकिंग के कार्य में समूह की 10 महिलाओं को जोड़ा गया है, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार मिल रहा है।

सरस आउटलेट से मिला बाजार

जिला प्रशासन के सहयोग से पिछले वर्ष जून में समूह को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सरस फूड आउटलेट एवं शोरूम में नियमित दुकान आवंटित की गई। अधिकारियों के मार्गदर्शन और विभिन्न आयोजनों में स्टॉल उपलब्ध होने से समूह के उत्पादों को बेहतर बाजार मिला। कलेक्ट्रेट स्थित दुकान से रानी को प्रतिमाह करीब ₹5 से ₹6 हजार की सीधी बचत हो रही है, जबकि अब तक ₹4 लाख से अधिक के उत्पादों की बिक्री हो चुकी है।

रोडवेज मेले में ₹64 हजार की बिक्री

स्थानीय मेलों एवं प्रदर्शनियों में भी ‘सिद्ध बाबा’ उत्पादों की मांग बढ़ रही है। हाल ही में रोडवेज परिसर में आयोजित प्रदर्शनी में सभी समूहों के सहयोग से लगाए गए स्टॉल पर कुछ ही समय में ₹64 हजार के उत्पादों की बिक्री हुई। रानी अब आगामी त्योहारों को देखते हुए विशेष मोमबत्तियां, हस्तनिर्मित राखियां तथा घर में बने शुद्ध नमकीन-सेव तैयार करने की योजना पर काम कर रही हैं।

 जिलाधिकारी ने कहा कि 

“रानी शर्मा ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से स्वरोजगार को अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एनआरएलएम के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जिला प्रशासन का विशेष जोर है।”


“ग्रामीण परिवेश में सबसे बड़ी बाधा संकोच और हिचकिचाहट होती है। जब तक महिलाएं चारदीवारी से बाहर नहीं निकलेंगी, तब तक उन्हें अपनी वास्तविक क्षमता और सरकारी योजनाओं का अहसास नहीं होगा। सरकार एनआरएलएम के जरिए महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के भरपूर अवसर और वित्तीय सहायता दे रही है। महिलाएं समूह बनाकर संगठित हों और अपने हुनर पर भरोसा रखें।”

– रानी शर्मा, सिद्ध बाबा महिला स्वयं सहायता समूह

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad

Hollywood Movies