भारत-नेपाल सीमावर्ती थारू जनजाति क्षेत्रों में चतुर्थ गुरू गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 9 फरवरी को होगा आयोजित
वास्थ्य सेवा यात्रा में 800 चिकित्सक उन्हीं के बीच रहेंगे और 290 गावों में जाकर लोगों की बीमारियों का निःशुल्क इलाज करेंगे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम का करेंगे उद्घाटन
हम भारती न्यूज से यू0 पी0 चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर विगत चार वर्षों से "नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन (एन०एम०ओ०)" गोरक्ष प्रान्त एवं अवध प्रान्त एवं अन्य सहयोगी संगठनों के सम्मिलित प्रयासों से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का सफल आयोजन करता रहा है।यह यात्रा भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में थारू जनजातीय एवं समीपवर्ती क्षेत्रों के 6 जिलों (लखीमपुर खीरी, बहराईच्च, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर एवं महराजगंज) में थारू जनजाति सहित सर्वसमाज के रोगियों की सेवा में आयोजित होती रही है। तीन दिन तक चलने वाले इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा में 800 चिकित्सक उन्हीं के बीच रहेंगे और 290 गावों में जाकर लोगों की बीमारियों का निःशुल्क इलाज करेंगे।
चिकित्सा क्षेत्र में राष्ट्री स्वयंसेवक संघ की आनुशांगिक शाखा "नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन' गोरक्ष प्रान्त इस वर्ष गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 08 फरवरी से फिर निकालने जा रहा है। यह यात्रा 8, 9, 10 एवं 11 फरवरी 2024 तक चलेगी। (प्रान्त विद्यार्थी प्रमुख) डॉ अखिलेश्वर धर दूबे यात्रा संरक्षक डा महेन्द्र अग्रवाल व डा मंगलेश श्रीवास्तव (महापौर गोरखपुर) ने बुद्धवार को प्रेस क्लब गोरखपुर में पत्रकारों को बताया कि महापौर डा मंगलेश श्रीवास्तव, प्रान्त प्रचारक आर०एस०एस० सुभाष व मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा गोरखनाथ मन्दिर से 08 फरवरी दोपहर 03 बजे यात्रा को रवाना करेंगे।उत्तराखण्ड, बिहार व नेपाल के सीमावर्ती जिले (लखीमपुर खीरी, बहराईच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर व महराजगंज) जिलों में थारू जनजाति के साथ ही सर्वसमाज के मरीजों की सेवा करेंगे। सेवाकार्य का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यात्रा संरक्षक ने बताया कि इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा में बी०आर०डी० मेडिकल कालेज गोरखपुर, एम्स गोरखपुर, पीआईडीएस गोरखपुर, देवरिया मेडिकल कालेज, आजमगढ़ मेडिकल कालेज, बस्ती मेडिकल कालेज व सिद्धार्थ नगर मेडिकल कालेज तथा प्राइवेट प्रैक्टिशनर के 800 चिकित्सक 09 से 11 फरवरी तक सेवा कार्य करेंगे।
चिकित्सकों की टोली 290 गावों में जाकर करीब सवा लाख से अधिक मरीजों की सेहत का संस्कार देगी।उन्होंने बताया कि लोगों को बीमारी से बचाने के साथ ही चिकित्सकों में भी राष्ट्रीयता, नैतिकता व देशप्रेम का भाव जागृत करने का निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।"नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन" के सचिव डा अमित सिंह श्रीनेत ने बताया कि पिछले वर्ष यह यात्रा 22 से 24 फरवरी तक आयोजित हुई थी। उस समय 52 मेडिकल कालेजों के 650 चिकित्सकों ने 280 शिविर लगाकर 85000 मरीजों का निःशुल्क उपचार, जांच करके दवायें दी थीं। उन्होंने कहा कि देशभर में सबसे अधिक रोगियों का ईलाज गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में ही हो रहा है।
डा0 अमित सिंह ने बताया कि 09, 10 फरवरी को नोतनवा, निचलौल व सिद्धार्थनगर में कैम्प लगाकर रोगियों का निःशुल्क ईलाज तथा दवाइयां वितरित की जायेंगी। 11 फरवरी को फरेन्दा तथा महराजगंज पी०जी कालेज में मेगा कैम्प की भी व्यवस्था की गयी है।प्रेस कॉन्फ्रेन्स मे महापौर डा0 मंगलेश श्रीवास्तव, डा० महेन्द्र अग्रवाल, डा० अमित सिंह श्रीनेत, बी०आर०डी० मेडिकल कालेज के डा0 अमरेश सिंह, डा० विभा सिंह, प्रान्त प्रचार प्रमुख आर०एस०एस० उपेन्द्र द्विवेदी आदि मौजूद रहेंगे।
