जांच में दो लाख रिश्वत मांगने का पाया गया दोषी
हम भारती न्यूज से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास खबर
बरेली मीरगंज सीओ पद से हटाई गईं दीपशिखा अहिबरन सिंह की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं,प्रारंभिक जांच में वो 2 लाख रुपए रिश्वत मांगने की दोषी पाई गई हैं। उन पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। वसूली के प्रकरण में प्रारंभिक जांच व कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
ईट भट्ठा मालिक को खनन के फर्जी मामले में फंसाने वाली सीओ दीपशिखा पहले आरोप और फिर प्रशासन की जांच में घिर गई थीं। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक से उनकी भूमिका की जांच कराई थी। इसमें भी वह दोषी पाई गईं। तब एसएसपी ने उन्हें पद से हटाकर मीरगंज सीओ सर्किल की अतिरिक्त जिम्मेदारी सीओ बहेड़ी अरुण कुमार को दे दी। अब इस कार्रवाई की रिपोर्ट एसएसपी स्तर से शासन को भेजी जाएगी। वहां से मामले में निलंबन की कार्रवाई हो सकती है।
मीरगंज क्षेत्र के गांव तिलमास निवासी रिफाकत अली ने तत्कालीन एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान से शिकायत की थी कि 12 जून को दोपहर के वक्त सीओ दीपशिखा उनके ईंट भट्ठे पर आई थीं। उन्होंने अवैध खनन का आरोप लगाकर दो लाख रुपये की मांग की थी।
रिफाकत ने अपना काम वैध बताकर रायल्टी जमा करने व जीएसटी देने का तर्क दिया था। रुपये नहीं देने पर सीओ ने उनकी जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दी थी। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को मामले की जांच सौंपी थी। एसपी दक्षिणी की रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ दीपशिखा को मीरगंज से हटा दिया।