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मंडल ब्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
शीर्षक:
संभल के सरकारी स्कूलों * से* आईआईटी बॉम्बे तक: सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन तथा डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ,जिलाधिकारी संभल के
द्वारा परिषदीय पृष्ठभूमि के छात्रों को विशेष अवसर प्रदान किया ,
स्टेम (STEM) शिक्षा का नया कीर्तिमान
मुख्य भाग:
संभल/मुंबई।
सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा प्रशिक्षित संभल जनपद के परिषदीय (सरकारी) विद्यालयों के विद्यार्थियों ने एशिया के सबसे विशाल और प्रतिष्ठित विज्ञान एवं तकनीकी महोत्सव 'टेकफेस्ट 2025' (आईआईटी बॉम्बे) में अपनी प्रतिभा सिद्ध की है। फाउंडेशन के मार्गदर्शन में इन विद्यार्थियों ने न केवल राष्ट्रीय रोबोटिक्स प्रतिस्पर्धा में भाग लिया, बल्कि 'तकनीकी उत्कृष्टता' (Technical Excellence) के लिए औपचारिक रूप से सम्मानित होकर इतिहास रच दिया।
टेकफेस्ट 2025 में संभल के सरकारी स्कूलों के इन विद्यार्थियों के समूह ने दो अत्यंत जटिल और उन्नत रोबोटिक्स प्रतिस्पर्धाओं में भाग लिया। यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि कक्षा 4 से 9 के इन नन्हें छात्रों ने आईआईटी और देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के सैकड़ों स्नातक (B.Tech) छात्रों की टीमों के विरुद्ध सीधी प्रतिस्पर्धा की।
टेकफेस्ट 2025 में प्रदर्शन एवं तकनीकी उपलब्धियाँ:
दिनांक 23 दिसंबर 2025 को संभल के विद्यार्थियों ने दो मुख्य स्पर्धाओं—'कोज़मोक्लेंच' (Cozmoclench) और 'मेशमराइज' (Meshmerize)—में चुनौती प्रस्तुत की।
1 - कोज़मोक्लेंच (Cozmoclench): यह एक हस्त-संचालित (Manual) रोबोटिक्स चुनौती है जो यांत्रिक परिशुद्धता (Mechanical Precision) और नियंत्रण का परीक्षण करती है। इसमें छात्रों को ऐसे रोबोट बनाने थे जो रेत और ढलान जैसे विषम मार्गों पर चलते हुए वस्तुओं को सटीकता से पकड़कर स्थानांतरित कर सकें। इस स्पर्धा में संभल के छात्रों ने 150 से अधिक इंजीनियरिंग टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा की।
2 - मेशमराइज (Meshmerize): यह एक स्वायत्त (Autonomous) मेज़-सॉल्विंग प्रतिस्पर्धा है। इसमें छात्रों ने C++ कोडिंग, यहाँ इनकी प्रतिस्पर्धा 110 इंजीनियरिंग टीमों से हुई।
इस प्रदर्शन के उपरांत, आईआईटी बॉम्बे ने एक विशेष समारोह आयोजित कर छात्रों को 'तकनीकी उत्कृष्टता के लिए विशेष प्रशंसा' (Special Commendation for Technical Excellence) के साथ 'उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र' (Certificate of Excellence) प्रदान कर सम्मानित किया।
प्रशिक्षण एवं प्रशासनिक सहयोग:
टेकफेस्ट में भाग लेने से पूर्व, सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन के विशेषज्ञों की टीम द्वारा विद्यार्थियों के लिए गहन रोबोटिक्स प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई थी। जनपद के 20 स्कूलों के 100 से अधिक छात्रों में से 11मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया गया, जिनमें बालिकाएं, दिव्यांग बच्चे और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्र सम्मिलित थे।
इस अभियान में जिलाधिकारी, संभल डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने फाउंडेशन को पूर्ण प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया और छात्रों के प्रशिक्षण व तैयारी हेतु मार्ग प्रशस्त किया। जिसमें बेसिक के बच्चों को अवसर प्रदान किया गया|
नेतृत्व एवं दृष्टिकोण:
यह संपूर्ण कार्यक्रम सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव नेवर की परिकल्पना और नेतृत्व में संचालित किया गया। श्री संजीव नेवर, जो आईआईटी गुवाहाटी और आईआईएम कलकत्ता के पूर्व छात्र हैं, को टेकफेस्ट द्वारा "भारत के वंचित छात्रों के लिए क्रांतिकारी रोबोटिक्स शिक्षा प्रणाली के निर्माण" (Architecting a revolutionary robotics education system) में उनकी भूमिका के लिए स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
श्री नेवर ने कहा, "हमारा प्रशिक्षण कार्यक्रम स्कूली शिक्षा और इंजीनियरिंग स्तर की प्रतिस्पर्धा के मध्य के अंतर को समाप्त करने के लिए परिकल्पित है। संस्था का उद्देश्य
भारत के सबसे वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों को संरचित स्टेम (STEM) शिक्षा और संस्थागत सहयोग प्राप्त हो, तो वे देश के सर्वोच्च तकनीकी मंचों पर भी अपनी क्षमता सिद्ध कर सकें।"
फाउंडेशन की पूर्व उपलब्धियाँ:
सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन इससे पूर्व मे बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने का कार्य कर चुका है।
मार्च 2025 (आईआईटी दिल्ली): फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित संभल के सरकारी स्कूल की टीम ने आईआईटी दिल्ली के 'ट्रीस्त 2025' में 35 इंजीनियरिंग टीमों के विरुद्ध चौथा स्थान प्राप्त किया।
मार्च 2025 (आईआईटी कानपुर): आईआईटी कानपुर के तकनीकी महोत्सव 'टेककृति 2025' (Techkriti) में विद्यार्थियों ने 'मैनूवर' (Manoeuvre) स्पर्धा में 'सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट' और 'उत्कृष्ट प्रदर्शन' (Outstanding Performance) का सम्मान अर्जित किया।
फाउंडेशन का लक्ष्य अब इस प्रतिमान (Model) का विस्तार अन्य जनपदों और राज्यों में करना है, ताकि सुप्त प्रतिभाओं को नवाचार और तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार किया जा सके।
डॉ. राजेन्द्र पैंसिया जिलाधिकारी संभल के संरक्षण में ग्यारह बच्चे तथा चार शिक्षक/ शिक्षिकाए IIT बॉम्बे गए और बच्चो ने अपना बेहतर प्रदर्शन कर संभल का नाम रोशन किया| IIT बॉम्बे ने DM संभल को मोमेंटो देकर सम्मानित किया, जिसे अभिषेक रस्तोगी द्वारा प्राप्त किया गया|श्री मती अलका शर्मा ,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संभल ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों के ये बच्चे पहले IIT दिल्ली,IIT कानपुर में पुरस्कृत हो चुके है,अब बॉम्बे में दो प्रकार की प्रतिस्पर्धा में प्रतिभाग किया और सम्मानित होकर शिक्षा विभाग संभल का कीर्तिमान स्थापित किया है| IIT बॉम्बे जाने बाले शिक्षकों में श्रीमती शालिनी सक्सैना कार्यक्रम कीनोडल,श्रीअभिषेकरस्तोगी ,श्रीमती मधुलिका सिंह ,श्री विजय शर्मा के साथ मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाने बाले रुद्राभा मुखर्जी ने प्रतिभाग
किया |

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