हम भारती न्यूज़
मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
संभल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह में साधिकाओं ने हवन में आहुति दी। योगाचार्य भगवान श्रीराम के चरित्र का वर्णन करते हुए योग साधकों को योग करने के लिए प्रेरित किया गया। शुगर से संबंधित गोमुखसान, कपालभाति, अलोम-विलोम आसन कराएं और कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शुगर से संबंधित मरीजों के लिए चिरायते काढ़े का वितरण किया गया।
गुरुवार को संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के चौथे दिन बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने योग अभ्यास सीखे। उक्त कार्यक्रम दीप प्रचलित के साथ प्रात: 05:20 बजे शुरू हुआ और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा 40 लोगों के ब्लड सैंपल लेने के साथ 07:30 बजे संपन्न हो गया। इसके अलावा जनपद संभल के चंदौसी, असमोली, बहजोई बबराला, गुन्नौर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में सप्ताह योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। नगर पालिका परिषद संभल के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है और विशेष सहयोगी के रूप में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट एवं पतंजलि योगपीठ समिति ने सात दिवसीय शिविर लगाया है।
भगवान श्रीराम के चरित्र का वर्णन और भजनों के साथ आज पांचवे दिन भारत स्वाभिमान ट्रस्ट पश्चिम उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री एवं कोषाध्यक्ष योगाचार्य कुलदीप ऐरन, योग महिला शिक्षक कृष्णा ग्रेवाल, मुदिता गुप्ता व संजय देवल ने ॐ नाम के जप के साथ योगासन कार्यक्रम शुरु किया। सर्वप्रथम व्यायाम, गोमुख आसन, सूर्य नमस्कार, अलोम-विलोम, मंडूक आसन, ताली और हंसी के आसन के साथ शांति पाठ से योग कार्यक्रम का समापन हुआ। आज कार्यक्रम में 162 लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो कल के मुकाबले 32 बढ़ी हुई है।
कार्यक्रम में अशोक गुप्ता, विकास वर्मा, महीपाल सिंह, प्रियांशु जैन एड., संजय गुप्ता कमांडर, विकेश शर्मा, अनुराग गुप्ता अन्नू, विवेक अग्रवाल, बीनू अग्रवाल, निमिश गुप्ता, विकास गोयल, हरीश कुमार, मंजू रस्तोगी, रितु रस्तोगी, मंजू आर्य, किरण रस्तोगी, सिद्धि गुप्ता, प्रसिद्वी, प्रतिज्ञा गर्ग, उषा अग्रवाल, सीमा गुप्ता, पूर्व सभासद प्रेमवती आदि मौजूद रहे।
महिला योगाचार्य रेनू वाष्र्णेय ने कहा कि सभी रोगों के लिए हर प्राणायाम अति आवश्यक है। हमें शुगर से संबंधित गोमुखासन पर ज्यादा ध्यान देना है, हमें ध्यानपूर्वक पूरी तरह से कितने समय में, किस विधि से करना चाहिए, वो पूरी तरह से हमें मंच से पूरा निर्देश देते हुए अभ्यास कराया गया। पूरी तरह स्वस्थ रहने में एक काढ़ा भी आवश्यक है, आज जो चिरायता काढ़ा दिया गया है, उसका स्वभाव कड़वा है। हम सुबह में कड़वे या कसैले पदार्थ के साथ सेवन करेंगे, तो अनेक रोगों से हमें मुक्ति मिलेगी और हम स्वस्थ रहेंगे। हमें हर एक नित्य प्रतिदिन यहाँ काढ़े जो दिए जा रहे हैं, वो हर रोग पर काम करने के लिए दिए जा रहे हैं।

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