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मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
संभव अभियान 6.0 के तहत 172 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने का लक्ष्य, अधिकारियों को सौंपा गया दायित्व
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सम्भल (बहजोई), 08 जुलाई 2026
संभव अभियान 6.0 के अंतर्गत जुलाई से सितंबर 2026 तक संचालित होने वाले तीन माह के विशेष अभियान के तहत जनपद सम्भल में जून 2026 के वजन एवं लंबाई मापन के आधार पर चिन्हित 172 अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों को सुपोषित बनाने हेतु जिलाधिकारी श्री अंकित खण्डेलवाल द्वारा सभी चिन्हित बच्चों को विभागीय एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों को गोद सौंपा गया है।
जिलाधिकारी ने दिनांक 06 जुलाई 2026 को आयोजित बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिमाह कम से कम दो बार अपने आवंटित SAM बच्चे के घर भ्रमण करेंगे तथा परिवार को कुपोषण, वृद्धि रुकावट, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, खानपान की आदतों में सुधार, बच्चों की विशेष देखभाल तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन (रेसिपी) तैयार करने के संबंध में जागरूक करेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों का नियमित वृद्धि मापन कराया जाए, शासन द्वारा संचालित पोषण संबंधी योजनाओं एवं सुविधाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाया जाए तथा आवश्यकता अनुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा जॉब कार्ड एवं राशन कार्ड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि परिवारों की आजीविका एवं खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ हो सके।
अभियान के अंतर्गत जिन SAM बच्चों के परिवार मछली का सेवन करते हैं, उन्हें 0.2 हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले तालाबों से उपलब्ध मछली का लाभ दिलाया जाएगा, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन उपलब्ध हो सके। वहीं, जिन परिवारों में मछली का सेवन नहीं किया जाता है, उन्हें पोषण पोटली उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी श्री अंकित खण्डेलवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जुलाई से सितंबर 2026 तक संचालित संभव अभियान 6.0 के दौरान प्रत्येक स्थिति में सभी 172 अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों को सुपोषित बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जाए। साथ ही उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को अभियान की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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