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​बौलिया रेलवे कॉलोनी में 100 नए आवासों का निर्माण स्वागत योग्य, लेकिन टाइप-3 के मानकों पर पुनर्विचार की आवश्यकता: विनोद कुमार राय

 ​बौलिया रेलवे कॉलोनी में 100 नए आवासों का निर्माण स्वागत योग्य, लेकिन टाइप-3 के मानकों पर पुनर्विचार की आवश्यकता: विनोद कुमार राय



​महामंत्री विनोद राय ने महाप्रबंधक एवं RLDA अधिकारियों के समक्ष रेलवे बोर्ड के नए दिशानिर्देशों के तहत रखी कर्मचारियों की बात


हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर


गोरखपुर ​पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के बौलिया रेलवे कॉलोनी में रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) द्वारा नवनिर्मित 100 बहुमंजिला स्टाफ क्वार्टरों का आधिकारिक हस्तांतरण (Handing Over) समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाप्रबंधक एवं RLDA के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS) ने इस नए निर्माण का स्वागत करते हुए कहा कि बीते 3–4 वर्षों से पूर्वोत्तर रेलवे पर बड़ी संख्या में पुराने व जर्जर आवासों को लगातार परित्यक्त (Demolish/Condemn) किया जा रहा है, जबकि उसके सापेक्ष नए आवासों का निर्माण नगण्य रहा है। ऐसे में 100 नए बहुमंजिला आवासों का निर्माण रेलकर्मियों के लिए एक अत्यंत राहतकारी और स्वागत योग्य कदम है।

​हालांकि, समारोह के दौरान आवास आवंटियों एवं रेलकर्मियों ने PRKS महामंत्री एवं सहायक महामंत्री एन एफ आई आर विनोद कुमार राय को अपनी व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया। कर्मचारियों का कहना था कि इन नए क्वार्टरों को 'टाइप-3' की श्रेणी दी जा रही है, जबकि इनमें कमरों की संख्या और बनावट 'टाइप-2' के समान (2 कमरे व बालकनी/बरामदा) है। ऐसे में इन्हें टाइप-3 कहना न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता।

​महामंत्री विनोद कुमार राय ने महाप्रबंधक महोदय एवं RLDA के उच्च अधिकारियों से वार्ता की। महामंत्री ने रेलवे बोर्ड के हालिया संशोधित आदेश (सं. 2024/LMB-II/2/3, दिनांक 02.सितम्बर.2026) का उल्लेख करते हुए बताया कि बोर्ड ने बहुमंजिला इमारतों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवासों के प्लिंथ एरिया (निर्माण क्षेत्रफल) में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है:

​Type-II Quarters: प्लिंथ एरिया 75 sqm से बढ़ाकर 75 से 104 sqm (बालकनी सहित) किया गया है।

​Type-III Quarters: प्लिंथ एरिया 85 sqm से बढ़ाकर 85 से 114 sqm निर्धारित किया गया है।

​Type-IV Quarters: प्लिंथ एरिया (110+25) sqm से बढ़ाकर (110+25) से (130+25) sqm तय किया गया है।

महामंत्री विनोद राय ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जब बोर्ड स्वयं टाइप-2 का दायरा बढ़ा चुका है, तो इन निर्मित क्वार्टरों को टाइप-2 की श्रेणी में ही रखा जाना अधिक तर्कसंगत और न्यायसंगत होगा।

महामंत्री विनोद राय ने इस दौरान एक और प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि केवल गोरखपुर तक ही सीमित न रहकर, पूरे पूर्वोत्तर रेलवे के सभी मंडलों (लखनऊ, वाराणसी, इज्जतनगर व कारखानों) में जहां भी पुराने आवासों को ध्वस्त किया गया है, वहां कर्मचारियों के लिए ऐसे आधुनिक बहुमंजिला आवासों का निर्माण अतिशीघ्र शुरू कराया जाना चाहिए, ताकि रेलकर्मियों को आवास किल्लत से मुक्ति मिल सके।

​वार्ता के दौरान महाप्रबंधक महोदय ने आश्वस्त किया कि कर्मचारियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। वहीं RLDA अधिकारियों ने भी बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुरूप आवश्यक बिंदुओं पर विचार करने की बात कही। महामंत्री ने कहा कि संगठन रेलकर्मियों को बेहतर आवास सुविधा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर बोर्ड स्तर पर भी संवाद किया जायेगा।

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