भूसे में सुई तलाशने जैसा था मिशन, पुलिस ने 3 लापता युवकों को सकुशल खोज निकाला
मोबाइल नहीं, बोलने में असमर्थ… फिर भी CCTV और जमीनी नेटवर्क के सहारे पुलिस ने तलाशे मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक
हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर लापता लोगों की तलाश में अब पुलिस 24 घंटे इंतजार करने के बजाय सूचना मिलते ही तत्काल एक्शन ले रही है। इसी संवेदनशीलता की मिसाल थाना राजघाट पुलिस ने पेश की है। राजघाट क्षेत्र स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रयगृह से लापता हुए चार मानसिक रूप से विक्षिप्त युवकों में से पुलिस ने तीन को सकुशल बरामद कर लिया। बरामद तीनों युवकों को नियमानुसार राजकीय मानसिक मंदित आश्रयगृह सह प्रशिक्षण केन्द्र (पुरुष) को सुपुर्द कर दिया गया, जबकि चौथे युवक की तलाश जारी है।
बताया गया कि 31 अगस्त की रात आश्रयगृह से चार युवक लापता हो गए थे। एक सितंबर को सूचना मिलते ही राजघाट पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तलाश शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों, बाजारों और संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन की। स्थानीय लोगों से पूछताछ के साथ घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
यह तलाश पुलिस के लिए सामान्य गुमशुदगी के मामलों से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण थी। लापता युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त थे, मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे और न ही सामान्य तरीके से किसी को अपनी पहचान या ठिकाने के बारे में बता सकते थे। ऐसे में उनकी तलाश भूसे में सुई तलाशने जैसी चुनौती बन गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने जमीनी स्तर पर लगातार प्रयास जारी रखे और आखिरकार तीनों को सकुशल खोज निकाला।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष राजघाट गौरव कुमार वर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संजय सिंह चंदेल, उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक रोहित साहू, उपनिरीक्षक आनंद उपाध्याय, कांस्टेबल ललित कुमार और कांस्टेबल आशीष मौर्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी स्पष्ट है कि एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर गोरखपुर पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और लापता लोगों की तलाश को भी पूरी गंभीरता से ले रही है। खासकर मासूम, बच्चे, बुजुर्ग अथवा मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के लापता होने की सूचना पर तत्काल कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
पुलिस का यह त्वरित एक्शन उन परिवारों के लिए भरोसे का संदेश है, जिनका कोई अपना अचानक लापता हो जाता है। तीन युवकों की सकुशल बरामदगी ने एक बार फिर साबित किया कि संवेदनशीलता, तकनीक और जमीनी मेहनत के साथ पुलिस कठिन से कठिन तलाश को भी अंजाम तक पहुंचा सकती है।
