अपनों से जुड़ने की आस फिर जगी: जब गोरखपुर पुलिस ने लौटाए 826 खोए हुए फोन, तो छलक उठीं आंखें!
11वें चरण की रिकवरी के साथ अब तक 3,463 परिवारों को लौटाई जा चुकी है 5.98 करोड़ की डिजिटल संपत्ति
हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर एक मोबाइल सिर्फ कांच और लोहे का टुकड़ा भर नहीं होता। उसमें किसी मां की अपने बच्चे के साथ बिताए लम्हों की तस्वीरें होती हैं, किसी पिता का मेहनत से जोड़ा गया बैंक का हिसाब होता है, और न जाने कितने दोस्तों के साथ संजोए गए अनमोल पल छिपे होते हैं। जब वो खो जाता है, तो लगता है जैसे यादों की एक पूरी किताब ही गुम हो गई। लेकिन, सोमवार को जब गोरखपुर पुलिस लाइंस में 826 लोगों के हाथों में उनके वही खोए हुए फोन वापस आए, तो पुलिस आभार जताते हुए कई लोगों की आंखें छलक उठीं।
गोरखपुर पुलिस की CEIR (सेंचुरियन इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) टीम की मेहनत का ही नतीजा था कि कुल 1 करोड़ 49 लाख रुपये से अधिक कीमत के 826 एंड्रॉयड मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक पहुंच सके। जब लोगों को फोन वापस मिलने की कॉल आई, तो पहले तो कई लोगों को यकीन ही नहीं हुआ। फोन संभालते वक्त कई चेहरों पर राहत की मुस्कान थी, तो कुछ के गले भर आए। एक व्यक्ति ने भावुक होकर बताया, "इस फोन में मेरे स्वर्गीय पिता की आखिरी तस्वीरें थीं। जब फोन चोरी हुआ था तो लगा था कि वो यादें हमेशा के लिए खो गईं, लेकिन पुलिस की इस कोशिश ने मेरी वो अनमोल धरोहर मुझे वापस लौटा दी। एसएसपी गोरखप डॉ कौस्तुभ और नोडल अधिकारी एसपी सिटी निमिष पाटिल के निर्देशन में, सीसीटीएनएस (CCTNS) सेल के कंप्यूटर ऑपरेटर विकाश कुमार और अजीत कुमार सहित पूरी टीम काफी समय से इन फोनों की डिजिटल ट्रैकिंग में जुटी हुई थी। लगातार एक-एक लोकेशन और सिम नंबर की मॉनिटरिंग के बाद इस बड़ी कामयाबी को हासिल किया जा सका।
11 चरणों में 3,463 परिवारों को लौटाई उनकी खुशी यह पहला मौका नहीं है जब गोरखपुर पुलिस ने आम जनता का दिल जीता हो। CEIR पोर्टल की मदद से अब तक 11 अलग-अलग चरणों में कुल 3,463 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत 5 करोड़ 98 लाख रुपये से अधिक है। हर चरण के साथ गोरखपुर पुलिस ने न सिर्फ अपराध और डिजिटल चोरी पर लगाम कसी है, बल्कि हजारों आम लोगों के विश्वास को भी मजबूत किया है।

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