हम भारती न्यूज़संवाददाता मोहम्मद अशरफ जिला ब्यूरो चीफ सारण बिहार।
सारण में सुशासन पर सवाल: SDM कार्यालय में शॉ-कॉज गायब, गरखा थानाध्यक्ष पर ईमामबाड़ा की जमीन पर अवैध निर्माण कराने और पीड़ित को धमकाने का गंभीर आरोप
गरखा (सारण) : बिहार में सुशासन का दावा किया जाता है, लेकिन सारण जिले के गरखा प्रखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मामला केवानी गांव की वर्षों पुरानी ईमामबाड़ा की जमीन से जुड़ा है, जो बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के आदेश पत्रांक 618 दिनांक 13/04/2026 से संरक्षित है।
पीड़ित मो० बाबूजान मियाँ पिता स्व० दिला मियाँ, ग्राम+पोस्ट केवानी ने जिलाधिकारी सारण को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला ?
पीड़ित के अनुसार, मौजा केवानी में खाता नं०-68, सर्वे 1969 रकबा 13 धूर एवं खाता नं०-37, सर्वे 1973 रकबा 5 धूर की जमीन ईमामबाड़ा की है। इस पर गांव के ही शिवबचन राम पिता - स्वर्गीय रत्न राम, पत्नी राजकुमारी देवी पुत्र दिलीप राम एवं अन्य द्वारा जबरन पक्का निर्माण किया जा रहा था।
इसी को लेकर थाना गरखा की रिपोर्ट पर अनुमंडल दंडाधिकारी, छपरा सदर के न्यायालय में वाद सं०-342/26, धारा-163 BNSS (बाबूजान मियाँ बनाम शिवबचन राम एवं अन्य) दर्ज हुआ।
पीड़ित का आरोप है कि -
1. SDM कार्यालय में शॉ-कॉज गायब : SDM सदर के नोटिस पर उन्होंने अपना लिखित कारण-पृच्छा (शॉ-कॉज) सभी कागजात के साथ दिनांक 27/05/2026 को दाखिल किया था। परन्तु SDM कार्यालय के पेशकार और कर्मी ने द्वितीय पक्ष शिवबचन राम से मिलीभगत कर उनके कागजात को संचिका में नहीं लगाया। इसी कारण दिनांक 23/05/2026 के आदेश में लिख दिया गया कि "केवल द्वितीय पक्ष की ओर से कारण पृच्छा दाखिल किया गया।" आदेश की प्रति आवेदन के साथ संलग्न है।
2. आदेश की आड़ में जबरन निर्माण : इसी एकपक्षीय आदेश की आड़ में द्वितीय पक्ष द्वारा दिनांक 30/08/2026 से ईमामबाड़ा की भूमि पर फिर से जबरन पक्का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
3. गरखा थानाध्यक्ष की भूमिका पर गंभीर आरोप : जब पीड़ित ने इसकी सूचना गरखा थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह को दी, तो थानाध्यक्ष ने बिना आदेश पढ़े ही द्वितीय पक्ष शिवबचन राम और उनकी पत्नी राज कुमारी देवी को पुलिस गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाने और फिर निर्माण चालू रखने का मौखिक आदेश देने का आरोप लगाया है।
आवेदन में पीड़ित ने लिखा है कि थाने में उन्हें धमकाया गया कि "अब थाना पर फोन मत करियेगा, नहीं तो अंजाम बुरा होगा और निर्माण रोकने मत आइयेगा।" जब पीड़ित ने पूछा कि SDM के आदेश में कहाँ निर्माण करने का लिखा है, तो कोई जवाब नहीं दिया गया।
पीड़ित का कहना है कि यह कार्य पुलिस मैनुअल, BNSS और अल्पसंख्यक आयोग के आदेश का सीधा उल्लंघन है।
पीड़ित की मांग :
पीड़ित मो० बाबूजान मियाँ ने DM सारण से 4 सूत्री मांग की है -
(क) SDM कार्यालय के पेशकार के विरुद्ध अभिलेख गायब करने के आरोप में जाँच कर निलंबित किया जाय और 27/05/2026 की दाखिला पंजी की जाँच कर उनके कागजात को संचिका में जोड़ा जाय।
(ख) थानाध्यक्ष, गरखा के विरुद्ध पति-पत्नी को बिना कार्रवाई किये छोड़ देने और प्रथम पक्ष को धमकाने के लिए विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाय।
(ग) विवादित ईमामबाड़ा की भूमि पर तत्काल यथास्थिति (Status Quo) एवं धारा 163 BNSS लागू कर अवैध निर्माण रोका जाय।
(घ) जब तक अंचलाधिकारी, गरखा द्वारा भूमि की पैमाइश कर चारो कोणों पर पिलर नहीं गाड़ा जा रहा है, तब तक निर्माण पर रोक हेतु आदेश दिया जाय।

