पुलिस अधीक्षक यातायात गोरखपुर व आरटीओ गोरखपुर द्वारा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
गोरखपुर के रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की संयुक्त कार्यशाला
सड़क सुरक्षा नियमों की भूमिका संजीवनी सरीखी: आर. टी. ओ.
यातायात नियमों को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं: एस.पी.ट्रैफिक
हम भारती न्यूज से गोरखपुर जिला ब्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव
सड़क सुरक्षा एवं यातायात के नियमों की भूमिका जीवन रक्षा कवच जैसी है। यह आपके और आपके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि देश और समाज के लिए भी संजीवनी सरीखी है। दुर्भाग्य से सड़क दुर्घटनाओं में शिकार होने वाले लोगों में युवाओं की संख्या ज्यादा है, इसलिए यह जिम्मेदारी भी अब युवाओं को ही आगे बढ़ कर लेनी होगी कि वे न केवल स्वयं सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें बल्कि अपने मित्रों, परिजनों एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। यह विचार संभागीय परिवहन अधिकारी ने आज विश्वविद्यालय के रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया।
आरटीओ अनीता सिंह ने विस्तार से ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन प्रपत्रों एवं परिवहन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे अभिनव प्रयोगों की जानकारी देते हुए कहा कि यह सभी नियम जनता की सुरक्षा एवं सुगमता के लिए बनाए गए हैं।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक यातायात डॉ एमपी सिंह ने अपने उद्बोधन में युवाओं से अपील की कि वे यातायात नियमों को अपनी दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं जैसे अपनी सुरक्षा के लिए मास्क लगाएं वैसे ही हेलमेट का प्रयोग करें। यातायात नियमों का पालन करें ताकि नगर के तेजी से विकसित हो रहे मार्ग सुरक्षित एवं दुर्घटना रहित बन सके। उन्होंने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा इसे एक बड़े और अनिवार्य अभियान के रूप में रेखांकित किया गया है जिसमें जन सहभागिता जरूरी है।
इससे पूर्व राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ केशव सिंह ने इस कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी एवं यातायात विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में वाहनों की तेज रफ्तार और अनियंत्रित ड्राइविंग से बढ़ रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसी कार्यशाला उपयोगी सिद्ध होगी।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए क्षेत्राधिकारी यातायात ने कहा कि प्रगति की ओर अग्रसर गोरखपुर जैसे महानगरों में स्मार्ट सिटी और स्मार्ट रोड जैसे नवाचारों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए जरूरी है कि हम भी स्मार्ट सिटीजन के रूप में नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें। कार्यशाला के आरंभ में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से यातायात निरीक्षक ने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट के अंतर्गत शुरू किए गए प्रयासों और उनके निष्कर्षों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इन उपायों के लागू होने से सुधार दिखा है लेकिन इसकी गति हम सभी को मिलकर तेज करनी होगी।
कार्यशाला की अध्यक्षीय उद्बोधन में रक्षा एवं स्रातजिक अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर हर्ष कुमार सिन्हा ने इस कार्यशाला को जीवन की पाठशाला बताते हुए कहा कि अपने पाठ्यक्रमों से इतर ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों के जीवन और उनके व्यक्तित्व को बेहतर बनाने के लिए उपयोगी होती हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर सुधार सामाजिक सुधार की अनिवार्य प्रक्रिया है। इस अवसर पर विभाग द्वारा संचालित आपदा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम के उन विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किया गया जिन्होंने सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित ब्लैक आउट संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रतिभागिता किया था।
कार्यक्रम का सम्यक संचालन आपदा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन पाठ्यक्रम के समन्वयक डॉ जितेंद्र कुमार ने किया। आगत अतिथियों का आभार ज्ञापन करते हुए प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह ने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला प्रतिभागी युवाओं के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। इस अवसर पर प्रोफेसर प्रदीप कुमार यादव, प्रोफेसर श्रीनिवास मणि त्रिपाठी ,डॉ प्रवीन कुमार सिंह, डॉ आरती यादव, डॉ विजय कुमार एवं डॉ सुशील कुमार के अतिरिक्त यातायात विभाग, सिविल डिफेंस एवं संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारीगण तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं आपदा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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