फाल्ट रीडिंग बता रहा है उपभोक्ता का मीटर, मीटर रीडिंग को लेकर संतुष्ट नही है उपभोक्ता
प्रार्थना पत्र देकर जेई से लगाई मीटर के जांच की गुहा
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एक माह बीतने के बाद भी नही हुई मीटर की जांच, उपभोक्ता परेशान
सीएम सीटी गोरखपुर के भटहट विधुत उपकेंद्र का मामला
हम भारती न्यूज से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर भटहट जहां एक तरफ सरकार विधुत उपभोक्ताओं के घरों में लगातार बिजली मुहैया कराने में सफल है। तो वहीं दूसरी तरफ लापरवाह कर्मचारियों की कार्यशैली को सुधारने में असफल भी नजर आ रही है। बात की जाए विधुत व्यवस्था की तो बिजली पाकर विधुत उपभोक्ता बहुत खुश हैं। लेकिन विधुत उपकेंद्र भटहट पर तैनात विधुत कर्मचारी के ढीले रवैए से विधुत उपभोक्ता निराश भी हैं। जिसका जीता जागता सबूत उपभोक्ता द्वारा विधुत उपकेंद्र पर दिए गए प्रार्थनापत्र के महीने बाद भी कार्यवाही का न होना है। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों की कार्यशैली को देखकर ऐसा लगता है। जैसे यह सरकार की बेहतर बिजली मुहैया कराने की मंशा को पलीता लगाने पर आमादा हैं। जिससे सरकार की छवि धुमिल होती नजर आ रही है। क्योंकि मामला सीएम सीटी के भटहट विधुत उपकेंद्र पर तैनात लापरवाह कर्मचारियों से जुड़ा है। आपको बताते चलें कि विधुत उपकेंद्र भटहट से जुड़े सोहसा फीडर के ग्रामसभा पोखरभिन्डा के निवासी मो० शरीफ ने 19 फरवरी को अपने घर में लगे विधुत मीटर की फाल्ट रीडिंग को लेकर आशंका जताई और इसकी सूचना उन्होंने प्रार्थनापत्र के जरिए विधुत उपकेंद्र भटहट पर तैनात जेई को दी। जेई ने तत्काल उपभोक्ता द्वारा मिले प्रार्थना पत्र पर सोहसा फीडर से जुड़े लाइनमैन को जांच के आदेश दिए। जिसकी कापी उपभोक्ता द्वारा लाइनमैन को अवगत करा दी गई। एक माह बीतने के बावजूद भी उपभोक्ता के घर जांच हेतू न कोई कर्मचारी पहुंचा न उपभोक्ता के मीटर की जांच हुई। जिससे उपभोक्ता अपना बिल जमा करने में असमर्थ है। और परेशान हाल हैं। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों की कार्यशैली को संज्ञान में लेकर जांचकर विधिक कार्रवाई करने की सख्त जरूरत है। ताकी बिजली उपभोक्ताओं को इनसे निजात मिल सके। बहरहाल इन लापरवाह कर्मचारियों से परेशान उपभोक्ता अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की मंशा बना रखीं है।

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