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आपदा न्यूनीकरण में प्रत्येक विभाग की भूमिका है महत्वपूर्ण: डॉ० भानु



बहु आपदा आधारित हो विभागों की योजना: डॉ० भानु


गोरखपुर आज दिनांक 6 सितंबर 2024 को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ के राज्य आपदा सलाहकार समिति के माननीय सदस्य डॉक्टर भानु प्रताप मल्ल के नेतृत्व में चार सदस्य टीम ने जनपद गोरखपुर का भ्रमण किया।


समिति ने सर्वप्रथम बहरामपुर का दौरा किया और ग्राम प्रधान तथा ग्राम स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ पंचायत भवन में बैठक की। बैठक के उपरांत क्षेत्र भ्रमण किया और निम्नांकित बिंदुओं पर कार्रवाई किए जाने हेतु जिला प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की: 


1. नौसड़ तिराहे से ग्राम में आने वाली सड़क को बाढ़ के उच्चतम स्तर को आधार मानते हुए सुरक्षित रूप से निर्मित किया जाए, जिससे कि ग्राम में वर्षा/बाढ़ काल के दौरान आने-जाने में कोई बाधा उत्पन्न ना हो।

2. बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए आंगनबाड़ी केंद्र को तत्काल निर्मित किए जाने हेतु राज्य आपदा मोचक निधि गाइडलाइन का प्रयोग करें।

3. बाढ़ एवं अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हुए भवन के निर्माण हेतु एसडीआरएफ से भुगतान करें।

4. कृषि विभाग बाढ़ रोधि बीज का वितरण करते समय कृषकों को उनके रोपण के संबंध में जागरूक व प्रशिक्षित करें।


क्षेत्र भ्रमण के उपरांत समिति ने आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और आपदा मित्रों/सखी द्वारा संचालित किये जा रहे कंट्रोल रूम की प्रशंसा की।


समिति ने स्थानीय होटल के सभागार में स्वास्थ्य, पशुपालन, जल निगम, उद्यान, कृषि, सिंचाई, लोक निर्माण, बेसिक शिक्षा, पंचायती राज आदि विभागों तथा स्वैच्छिक संगठनों के साथ बैठक की और आपदा न्यूनीकरण हेतु विभाग स्तर पर क्या कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है पर चर्चा की। चर्चा के दौरान प्राप्त सुझाव: 


1. वाटर एम्बुलेंस मुख्य नदियों पर तैनात हो जिससे कि चिकित्सकीय सुविधा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित रूप से दी जा सकें। 

2. सुसज्जित मेडिकल वैन उपलब्ध हो जो की बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक जा सके। 

3. कृषि बीमा कंपनी राहत वितरण कार्य को गति प्रदान करें। समय से बीमा धनराशि प्राप्त ना होने के कारण कृषकों को असुविधा होती है।

4. बाढ़ से प्रभावित होने वाले विद्यालयों को विस्थापित करने की योजना तैयार की जाए। 

5. आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में किए गए परिवर्तन के आधार पर विभाग अपनी योजनाओं को तैयार करें।

6. ग्राम आपदा प्रबंधन योजना तथा विद्यालय सुरक्षा योजना को नियमित रूप से अद्यतन किया जाए।


राज्य स्तर से चंद्रकांत परियोजना समन्वयक बाढ़ प्रबंधन, डॉ पंकज एचसीएल फाऊंडेशन तथा राघवेंद्र आई.ए.जी. समन्वयक ने प्रतिभाग किया।


बैठक में डॉ सिराज वजीह, डॉ०भागीरथी सिंह नायब तहसीलदार, राम नवल त्रिपाठी राकेश मल्ल तथा विभिन्न विभागों से आए प्रतिनिधियो ने प्रतिभाग किया। बैठक का संचालन गौतम गुप्ता आपदा विशेषज्ञ ने किया।


मीडिया सेल 

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण 

गोरखपुर

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