चाइनीज मांझा पर गोरखपुर पुलिस सख्त
हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने चाइनीज मांझा की बिक्री और उपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जनपद में प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय और शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
एसएसपी ने बताया कि चाइनीज मांझा न केवल कानूनन प्रतिबंधित है, बल्कि यह आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। आए दिन राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों के घायल होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई मामलों में यह मांझा जानलेवा भी साबित हुआ है।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर पतंग और मांझा बेचने वाली दुकानों की सघन जांच करें। जहां भी चाइनीज मांझा मिले, वहां तत्काल जब्ती की कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही सप्लाई चेन की भी जांच कर बड़े स्तर पर इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंचा जाए।
डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। बीट पुलिसिंग के माध्यम से मोहल्लों और बाजारों में लोगों को समझाने, पंपलेट वितरण और माइकिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों से भी अपील की जाएगी कि वे अपने बच्चों को प्रतिबंधित मांझा खरीदने और इस्तेमाल करने से रोकें।
त्योहारों और विशेष अवसरों पर चाइनीज मांझा की मांग बढ़ जाती है, जिसे देखते हुए पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतेगी। खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया है। यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे इसकी बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने दो टूक कहा कि किसी भी कीमत पर मानव जीवन से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। सड़क पर चल रहे आम नागरिक हों, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी हों या छतों पर खेल रहे बच्चे—सभी की सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि किसी थाना क्षेत्र से शिकायत मिली कि वहां खुलेआम चाइनीज मांझा बिक रहा है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील की है कि कहीं भी प्रतिबंधित मांझा बिकने की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। गोरखपुर पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा, ताकि जनपद में इस खतरनाक प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
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