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सड़क पर बिखरा नवविवाहिता के सुहाग का सिंदूर, मैनपुरी रोड पर तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से हुई मौत का जिम्मेदार कौन? ​

 सड़क पर बिखरा नवविवाहिता के सुहाग का सिंदूर, मैनपुरी रोड पर तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग से हुई मौत का जिम्मेदार कौन?


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आखिर मासूमों और बेगुनाहों की जिंदगी से कब तक खिलवाड़ करेंगे बेलगाम चालक ?



​मैनपुरी/ फिरोजाबाद  । रविवार की दोपहर मैनपुरी-बरनाहल रोड पर एक ऐसा खौफनाक और दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का आंसू दे दिया, बल्कि यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक दावों की भी पोल खोलकर रख दी। सिरसागंज से सवारी भरकर मैनपुरी की तरफ जा रहा एक तेज रफ्तार ऑटो हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दिल तत्वाधान को दहला देने वाले हादसे में ऑटो सवार एक नवविवाहिता की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। 

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिरोजाबाद के थाना रामगढ़ क्षेत्रांतर्गत अम्बे नगर की रहने वाली प्राची (पत्नी आलोक कुमार) रविवार को बेहद खुश थीं। वे अपने ससुर और मासूम बेटे के साथ अपने मायके (मैनपुरी) जाने के लिए घर से निकली थीं। फिरोजाबाद से वे लोग सिरसागंज पहुंचे और वहां से मैनपुरी जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुए। लेकिन ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण असंतुलित होकर ऑटो बीच सड़क पर ही पलट गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां, डॉक्टरों ने नवविवाहिता प्राची को मृत घोषित कर दिया।


यह कोई पहला या आखिरी हादसा नहीं है। मुख्य मार्गों व लिंक गलियों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक कहीं भी देखा जा सकता है कि, किस तरह 3 से 4 सवारियों की क्षमता वाले ऑटो में 8 से 10 सवारियां भेड़-बकरियों की तरह ठूंस दी जाती हैं। इस ओवरलोडिंग के कारण वाहन का संतुलन हमेशा खतरे में रहता है। इन छोटे तिपहिया वाहनों को निर्धारित गति सीमा से दोगुना रफ्तार पर दौड़ाया जाता है। तीखे मोड़ों या अचानक सामने किसी वाहन के आने पर ये ऑटो ताश के पत्तों की तरह पलट जाते हैं। प्राची की मौत भी इसी 'ओवर स्पीड' की भेंट चढ़ गई। हाईवे और संपर्क मार्गों पर हर दिन ऐसे डग्गामार और अनियंत्रित वाहन रोजाना मौत बनकर दौड़ रहे हैं, जो व्यवस्थाओं में सुधार के नाम पर चालान काटने वाली यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों पर भी बड़ा सवालिया निशान लगाते हैं।


सबसे बड़ा सवाल स्थानीय प्रशासन, परिवहन विभाग (RTO) और हाईवे पुलिस पर उठता है। चौराहे-चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ये ओवरलोड ऑटो बेखौफ कैसे गुजर जाते हैं? चेकिंग के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति क्यों होती है? क्या विभाग को किसी और बेगुनाह की मौत का इंतजार रहता है?


हम भारती न्यूज़ न्यूज़ नेटवर्क 24x7 की अपील  । हम शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग करते हैं कि डग्गामार, ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ केवल कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए जो एक मिसाल बने। साथ ही, आम जनता से भी यह अपील है कि क्षमता से अधिक भरे हुए वाहनों में बैठने से परहेज करें। आपकी सतर्कता ही आपके परिवार की सुरक्षा है।

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