हम भारती न्यूज़
मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न*
जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान योजना, टीबी नियंत्रण तथा जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश
हेपेटाइटिस सी की दवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुन्नौर एवं जुनावई में है उपलब्ध, हेपेटाइटिस सी के रोगी प्राप्त कर सकते हैं वहां से दवा.. मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
सम्भल (बहजोई), 25 जुलाई 2026
आज कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबन्धक संजीव कुमार राठौर ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मातृ मृत्यु के प्रमुख चिकित्सकीय कारणों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा प्रत्येक मामले की प्रभावी ट्रैकिंग के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) को भी ट्रैकिंग का प्रारूप तैयार करने के निर्देशित किया गया।
जिलाधिकारी ने बीपीएम एवं बीसीपीएम को आशा कार्यकर्ताओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) संबंधी प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना की वर्ष 2026-27 की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित होने वाली आशा एवं एएनएम बैठकों की पूर्व सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जिलाधिकारी स्वयं भी किसी बैठक में प्रतिभाग कर सकें।
बैठक में एचएमआईएस पोर्टल पर एएनसी, संस्थागत प्रसव एवं टीकाकरण सेवाओं की समीक्षा की गई। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को भुगतान में आने वाली समस्याओं, जैसे आधार कार्ड एवं बैंक खाते का अभाव, एसएनए पोर्टल पर खातों का लंबित पंजीकरण तथा बैंक पासबुक में वर्तमान आईएफएससी कोड अपडेट न होने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर बैंकों का समन्वय सुनिश्चित कराने तथा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को स्वास्थ्य संस्थानों में आधार कार्ड संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने एवं इसके लिए पृथक कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जननी सुरक्षा योजना के भुगतान संबंधी समस्त आंकड़ों को अद्यतन रखने पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि ईंट-भट्टों पर निवास करने वाले परिवारों के बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा भट्टों की अद्यतन सूची उपलब्ध कराई जाए। बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आरबीएसके प्रभारी को आगामी बैठक में अंतर्विभागीय माइक्रो प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं की कार्यप्रणाली एवं रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एम्बुलेंसों के उपकरणों की नियमित जांच के लिए टीम गठित करने तथा सेवा प्रदाता संस्था के प्रतिनिधियों को वार्ता हेतु आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायती राज अधिकारी को पंचायत सहायकों को लक्ष्य निर्धारित कर प्रगति सुनिश्चित कराने तथा बीपीएम एवं बीसीपीएम को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एमआईएस प्रगति, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, टीबी रोगियों को पोषण किट वितरण, टीपीटी, टीबी मुक्त भारत अभियान एवं टीबी स्क्रीनिंग की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को इस संबंध में साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए।
डिप्थीरिया की रोकथाम हेतु टीडी/डीपीटी स्कूल आधारित टीकाकरण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अभियान के अंतर्गत 5-6 वर्ष आयु (डीपीटी द्वितीय बूस्टर), 10 वर्ष आयु (टीडी) तथा 16 वर्ष आयु (टीडी) के बच्चों को अतिरिक्त टीकाकरण किया जाएगा। अभियान के विभिन्न चरणों एवं माइक्रो प्लान पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही मीजिल्स-रुबेला टीकाकरण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रधानाचार्यों के साथ बैठक आयोजित करने तथा डीपीओ (आईसीडीएस) एवं जिला पंचायती राज अधिकारी को विभागीय अभियानों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुरुष एवं महिला नसबंदी कार्यक्रम, जेनेरिक दवाओं के प्रति जनजागरूकता तथा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज बिश्नोई ने बताया कि 14 अगस्त 2026 को जनपद के सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों तथा विद्यालय न जाने वाले किशोर-किशोरियों को एल्बेन्डाजोल की गोली खिलाई जाएगी। 18 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस आयोजित किया जाएगा।
बैठक में मलेरिया नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान, झाड़ियों की कटाई, साफ-सफाई तथा एंटी-लार्वा छिड़काव को प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से उन ग्रामों में, जहां गत वर्ष मलेरिया के मामले सामने आए थे, प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
हेपेटाइटिस-सी की दवा की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुन्नौर एवं जुनावई में दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा रोगी वहां से उपचार प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज बिश्नोई, डीपीओ आईसीडीएस महेश कुमार,अपर जिला पंचायती राज अधिकारी ,जनपद के समस्त एमओआईसी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जारी जिला सूचना कार्यालय सम्भल।

