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मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
सूरजकुंड मंदिर: श्रावण मास के तीसरे सोमवार पर 10 हजार श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
–लगातार 40 दिन तक घी का दीपक जलाने से भोलेनाथ पूरी करते हैं हर मनोकामना
–सुरक्षा और सुविधाओं के किए गए पुख्ता इंतजाम, रात्रि में होगा विशेष रुद्राभिषेक
संभल, 17 अगस्त। श्रावण मास के तीसरे सोमवार के पावन अवसर पर संभल स्थित प्राचीन सूरजकुंड मंदिर में शिवभक्तों का भारी उत्साह देखने को मिला। मंदिर के सेवादार राहुल शर्मा के अनुसार, आज यहाँ लगभग 10,000 श्रद्धालुओं ने पहुँचकर पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ हरिद्वार, गंगोत्री और बृजघाट से डाक कांवड़ और सामान्य कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों ने भी मंदिर में अपनी हाजिरी लगाई। आगामी सावन के अंतिम सोमवार को यहाँ डाक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की और भी अधिक भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।
जलाभिषेक और मंदिर की प्राचीन मान्यताएं
मंदिर परिसर में स्थित पवित्र सूर्य कुंड का अपना एक विशेष पौराणिक महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस प्राचीन कुंड के जल में स्नान करने से कुष्ठ रोग (कच्चा कोढ़) और त्वचा से जुड़ी सभी असाध्य बीमारियां पूरी तरह से ठीक हो जाती हैं। इसी गहरी आस्था के चलते श्रद्धालु यहाँ स्नान करके महादेव पर जल चढ़ाते हैं। इसके अलावा, एक मान्यता यह भी है कि जो भी श्रद्धालु मंदिर में लगातार 40 दिन तक भगवान शिव के समक्ष घी का दीपक जलाता है, भोलेनाथ उसकी हर मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं।
रात्रि में रुद्राभिषेक की है विशेष परंपरा
सूरजकुंड मंदिर में केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी शिव आराधना का विशेष विधान है। सेवादार राहुल शर्मा ने बताया कि सावन के हर सोमवार की रात्रि में यहाँ विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाता है। इस अनुष्ठान में सात से आठ श्रद्धालुओं के कई समूह एक साथ बैठकर रुद्राभिषेक करते हैं, जो रात के करीब ढाई बजे तक निरंतर चलता रहता है।
सुरक्षा और सुविधाओं के चाक-चौबंद इंतजाम
मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के अंदर विशेष बैरिकेडिंग और कतारों की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली पुलिस का पूरा स्टाफ, जिसमें महिला और पुरुष कांस्टेबल दोनों शामिल हैं, चप्पे-चप्पे पर तैनात है। आज सुबह ही एसडीएम, सीओ और सिटी मजिस्ट्रेट ने स्वयं मंदिर परिसर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
पर्यटन विभाग और प्रशासन की नई पहल
कांवड़ियों और यात्रियों की सहूलियत के लिए पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर में एक बड़ा हॉल और आधुनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जहाँ कांवड़ियों को निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। नगर पालिका द्वारा साफ-सफाई की जिम्मेदारी बखूबी निभाई जा रही है। वहीं, मंदिर समिति की ओर से कांवड़ियों के लिए त्रयोदशी से ही 24 घंटे चलने वाले विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया है।

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