हम भारती न्यूज़ मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह संभल से खास खबर
जिलाधिकारी के निर्देशन में बाल श्रम उन्मूलन एवं श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देशन में आज कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट की अध्यक्षता में बाल श्रम उन्मूलन एवं श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने बाल श्रम की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने तथा बाल श्रमिकों को चिन्हित कर उनके पुनर्वास एवं शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं अन्य संबंधित विभागों को बाल श्रम उन्मूलन के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए
समीक्षा के दौरान अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीकरण कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने क्षेत्र में पात्र श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पंजीकरण की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
*एनआरएलएम समूह की महिलाओं को मिला प्रोत्साहन
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जिलाधिकारी के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठकों के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा राखी एवं घरेलू उपयोग की सामग्री का स्टॉल लगाया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समूह की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की खरीद के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, सहायक श्रमायुक्त राम लखन पटेल सहित उपस्थित अधिकारियों को समूह की महिलाओं द्वारा राखी बांधी गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा स्टॉल से लगभग 15 हजार रुपये मूल्य की सामग्री की खरीदारी की गई।
स्टॉल पर बनियाखेड़ा की यादवती मौर्य, बहजोई की राखी शर्मा तथा रजपुरा की रूपवती द्वारा तैयार किए गए घरेलू उत्पाद एवं मसालों की बिक्री की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार के अभियानों से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है तथा उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। अधिकारियों द्वारा समूहों के उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित किए जाने से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास लखपति दीदी योजना को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
बैठक में सहायक श्रमायुक्त राम लखन पटेल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मो. आज़म, वरिष्ठ सहायक पुष्पेंद्र कुमार सिंह, कनिष्ठ सहायक ललित कुमार, प्रयत्न संस्था के गौरीशंकर चौधरी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
