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मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
लगभग 18 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि से जुड़े 52-53 साल पुराने राजस्व अभिलेख विवाद पर एसडीएम सम्भल का महत्वपूर्ण फैसला
गाटा संख्या 103, 106 एवं 107 में दर्ज आपत्तिकर्ताओं के नाम निरस्त, अभिलेखों में मंदिर आर्य समाज एवं एहतेमाम प्रधान ग्राम समाज का नाम दर्ज करने के आदेश
सम्भल (बहजोई), 07 सितम्बर 2026
उप जिलाधिकारी सम्भल विकास चंद्र ने लगभग 52-53 वर्षों से चले आ रहे राजस्व अभिलेख संबंधी विवाद में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए ग्राम शेर खां सराय (बाहर चुंगी), तहसील सम्भल स्थित गाटा संख्या 103, 106 एवं 107 से संबंधित राजस्व अभिलेखों की प्रविष्टियों को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। संबंधित भूमि का कुल क्षेत्रफल 0.334 हेक्टेयर है तथा उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका अनुमानित मूल्य लगभग 18 करोड़ रुपये है। यह निर्णय उपलब्ध पुराने राजस्व एवं चकबंदी अभिलेखों, तहसीलदार सम्भल की आख्या तथा दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत दलीलों एवं अभिलेखीय साक्ष्यों के परीक्षण के उपरांत पारित किया गया है।
वाद संख्या 27145/2025, कम्प्यूटरीकृत वाद संख्या T202513740327145, संतोष कुमार बनाम अकील बेगम आदि में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 31/32 के अंतर्गत न्यायालय उप जिलाधिकारी सम्भल में सुनवाई की गई। प्रकरण ग्राम शेर खां सराय (बाहर चुंगी), तहसील एवं जनपद सम्भल स्थित गाटा संख्या 103, 106 एवं 107 से संबंधित है।
प्रकरण में तहसीलदार सम्भल द्वारा दिनांक 10 दिसम्बर 2025 को प्रस्तुत आख्या, संबंधित खतौनी, चकबंदी आकार पत्र-41 एवं आकार पत्र-45 सहित अन्य उपलब्ध राजस्व अभिलेखों का न्यायालय द्वारा परीक्षण किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत तर्कों एवं अभिलेखीय साक्ष्यों पर भी विचार किया गया।
पुराने अभिलेखों में दर्ज थी मंदिर आर्य समाज एवं एहतेमाम प्रधान ग्राम समाज की प्रविष्टि
उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण में पाया गया कि खतौनी फसली वर्ष 1368 में प्रश्नगत गाटा संख्या 103, 106 एवं 107 में “मंदिर आर्य समाज एवं एहतेमाम प्रधान ग्राम समाज” की प्रविष्टि दर्ज थी। बाद की अभिलेखीय प्रक्रिया के दौरान इन गाटों से संबंधित प्रविष्टियों में परिवर्तन होने के कारण विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
मामले में चकबंदी अभिलेखों का भी परीक्षण किया गया। न्यायालय के समक्ष उपलब्ध चकबंदी आकार पत्र-45 में संबंधित भूमि के संबंध में “मंदिर आर्य समाज एवं एहतेमाम प्रधान ग्राम समाज” की प्रविष्टियां दर्ज पाई गईं। वर्ष 1975 में संबंधित सीरदारों को भूमिधर घोषित किए जाने के बाद वर्तमान खतौनी में दर्ज प्रविष्टियों की स्थिति का भी न्यायालय द्वारा परीक्षण किया गया।
उप जिलाधिकारी द्वारा समस्त उपलब्ध अभिलेखों एवं दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के उपरांत पाया गया कि प्रश्नगत गाटों से संबंधित वर्तमान राजस्व प्रविष्टियां उपलब्ध पुराने अभिलेखीय तथ्यों एवं चकबंदी अभिलेखों से पूरी तरह मेल नहीं खाती हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिन व्यक्तियों के नाम वर्तमान अभिलेखों में दर्ज थे, उनके नाम दर्ज किए जाने के समर्थन में आपत्तिकर्ताओं द्वारा पर्याप्त एवं ठोस अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए।
लगभग 18 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि से संबंधित हैं विवादित गाटे
प्रकरण में शामिल गाटा संख्या 103 का रकबा 0.210 हेक्टेयर, गाटा संख्या 106 का रकबा 0.032 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 107 का रकबा 0.092 हेक्टेयर है। तीनों गाटों का कुल रकबा 0.334 हेक्टेयर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि का अनुमानित मूल्य लगभग 18 करोड़ रुपये है।
आदेश के अनुसार गाटा संख्या 103, रकबा 0.210 हेक्टेयर, गाटा संख्या 106, रकबा 0.032 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 107, रकबा 0.092 हेक्टेयर में दर्ज आपत्तिकर्ताओं के नाम निरस्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
गाटा संख्या 103 एवं 106 में दर्ज अकीला बेगम पत्नी नूरुल्ला, अहमद हसन, गुलाम वारिस, मोहम्मद अली, मौ0 आलम, मौ0 हसन पुत्रगण नूरुल्ला एवं माहिर हुसैन पुत्र तकरीरउल्ला के नाम निरस्त किए जाने का आदेश दिया गया है।
वहीं, गाटा संख्या 107 में उपरोक्त नामों के अतिरिक्त शाबिरसन पत्नी सुल्तान एवं सुल्तान पुत्र वसीर के नाम भी निरस्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदिर आर्य समाज एवं एहतेमाम प्रधान ग्राम समाज का नाम दर्ज करने के निर्देश
उप जिलाधिकारी सम्भल ने तहसीलदार सम्भल द्वारा प्रस्तुत आख्या को स्वीकार करते हुए प्रश्नगत आराजी की अभिलेखीय प्रविष्टियों को …
