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मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को मिलेगा आर्थिक संबल, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना से मिल रही सहायता
प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक मिल रही आर्थिक सहायता, मेधावी छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान
सम्भल (बहजोई), 07 सितम्बर 2026
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक निर्बाध रूप से अध्ययन जारी रखने के लिए संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिक परिवारों के मेधावी एवं जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनकी शिक्षा में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर करना है।
सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न स्तरों पर निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता, आयु सीमा एवं अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
योजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को ₹2,000, कक्षा 6 से 10 तक ₹2,500 तथा कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को ₹3,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। सामान्य स्नातक तथा आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए ₹12,000, स्नातकोत्तर स्तर पर ₹24,000 तथा अनुसंधान/पीएचडी के लिए ₹1,00,000 तक की सहायता का प्रावधान है। व्यावसायिक डिग्री पाठ्यक्रमों, जैसे एमबीए, बी.टेक आदि के लिए ₹60,000 तक अथवा वास्तविक शुल्क, जो भी नियमानुसार देय हो, की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अतिरिक्त IIT, IIM, NIT, AIIMS (मेडिकल), NIFT तथा विधि विश्वविद्यालय जैसे निर्धारित प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिए नियमानुसार पूर्ण फीस प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
मेधावी छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन
योजना के अंतर्गत नियमित सहायता राशि के अतिरिक्त निर्धारित अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। कक्षा 10 एवं 12 में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को ₹5,000 तथा छात्राओं को ₹8,000 अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। इसी प्रकार स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को ₹10,000 तथा छात्राओं को ₹12,000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
कक्षा 9 से 12 तक के पात्र विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने के लिए साइकिल खरीदने हेतु निर्धारित नियमानुसार सहायता का भी प्रावधान है।
आयु सीमा के कड़े प्रावधान, पात्रता के लिए आयु का ध्यान रखना जरूरी
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कक्षा एवं पाठ्यक्रम के अनुसार निर्धारित आयु सीमा का पालन करना आवश्यक है। निर्धारित आयु सीमा के अनुसार—
कक्षा 1 एवं 2 के लिए अधिकतम आयु सीमा 6 से 8 वर्ष निर्धारित है।
कक्षा 3 से 5 के लिए अधिकतम आयु सीमा 8 से 11 वर्ष है।
कक्षा 6 से 8 के लिए अधिकतम आयु सीमा 11 से 14 वर्ष है।
कक्षा 9 से 12 के लिए अधिकतम आयु सीमा 14 से 18 वर्ष है।
स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है।
सरकारी संस्थानों में मेडिकल (एमबीबीएस), IIT, IIM, NIT एवं अनुसंधान/पीएचडी जैसे पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 से 35 वर्ष निर्धारित है।
पात्र अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय संबंधित कक्षा एवं पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित आयु सीमा तथा योजना के अन्य प्रचलित नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा।
पात्रता के लिए आवश्यक प्रमुख शर्तें
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए माता या पिता में से किसी एक का उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) में पंजीकृत निर्माण श्रमिक होना आवश्यक है। श्रमिक का पंजीकरण निर्धारित अवधि से पुराना एवं सक्रिय होना चाहिए। योजना के अंतर्गत छात्र एवं श्रमिक दोनों का आधार प्रमाणीकरण आवश्यक है। एक श्रमिक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को योजना का लाभ प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। पात्र अभिभावक नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से अथवा UPBOCW के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ‘योजनाएं’ अनुभाग में संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना का चयन कर आवेदन कर सकते हैं।
सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल ने पात्र निर्माण श्रमिकों एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे योजना की पात्रता एवं निर्धारित शर्तों की जानकारी प्राप्त कर समय से आवेदन करें तथा अपने बच्चों की शिक्षा के लिए उपलब्ध इस सुविधा का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक पात्र श्रमिक परिवारों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
जिला प्रशासन द्वारा भी निर्माण श्रमिकों एवं उनके अभिभावकों से अपील की गई है कि पात्र परिवार योजना का लाभ लेने के साथ-साथ इसकी जानकारी अन्य पात्र श्रमिक परिवारों तक भी पहुंचाएं।
जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने कहा कि
“संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी पढ़ाई बाधित न होने देना है। जनपद में पात्र निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। सभी पात्र अभिभावक निर्धारित पात्रता, आयु सीमा एवं अन्य नियमों की जानकारी प्राप्त कर समय से ऑनलाइन आवेदन करें और योजना का लाभ अपने बच्चों की शिक्षा के लिए उठाएं।”
जारी जिला सूचना कार्यालय, सम्भल
