रेल कर्मचारियों के बोनस को लेकर, एनएफआईआर की बड़ी पहल: ₹21,000 काल्पनिक वेतन सीमा और 78 दिनों से अधिक बोनस देने की उठाई मांग
हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS) एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (NFIR) के केंद्रीय व क्षेत्रीय नेतृत्व के अथक प्रयासों से रेल कर्मचारियों के उत्पादकता आधारित बोनस (Productivity Linked Bonus - PLB) वर्ष 2025-26 को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग रेल मंत्रालय के समक्ष रखी गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री व NFIR के सहायक महामंत्री श्री विनोद कुमार राय तथा पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के अध्यक्ष व NFIR के जोनल सचिव श्री रमेश मिश्रा के साथ फेडरेशन के अन्य पदाधिकारियों ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए इस मुहिम को प्रमुखता से उठाया है।
NFIR के जनरल सेक्रेटरी डॉ. एम. राघवैया एवं अध्यक्ष श्री गुमान सिंह के नेतृत्व में माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव को प्रेषित पत्र (सं. NFIR/I/10-Part V, दिनांक 31/अगस्त/2026) में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की हालिया राजपत्र अधिसूचना (25 अगस्त 2026) का हवाला दिया गया है। पत्र में प्रमुख रूप से दो मांगें रखी गई हैं, बीते बारह से अधिक वर्षों से रेलवे में बोनस की गणना मात्र सात हजार रुपए प्रति माह की सीमा पर की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा बोनस गणना सीमा को बढ़ाकर इक्कीस हजार रूपए प्रति माह किए जाने के निर्णय के आलोक में रेलवे में भी इसे तत्काल ₹21,000 करने की मांग की गई है एवं वर्ष 2025-26 के दौरान रेल कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से माल ढुलाई और परिचालन क्षमता में रिकॉर्ड सुधार हुआ है। इस बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस की संख्या मौजूदा 78 दिनों के वेतन से अधिक बढ़ाने की मांग की गई है।
इस ऐतिहासिक पहल और रेल कर्मचारियों के हकों की लड़ाई के लिए श्री विनोद कुमार राय और श्री रमेश मिश्रा ने NFIR के केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर डॉ. एम. राघवैया और अध्यक्ष श्री गुमान सिंह का दिल से आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि NFIR का केंद्रीय नेतृत्व हर परिस्थिति में रेल कर्मचारियों के हितों और सम्मान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर और संघर्षशील रहता है। महासंघ के इस सतत संघर्ष और मजबूत पैरवी से उम्मीद है कि बहुत जल्द रेल मंत्रालय व वित्त मंत्रालय से कर्मचारियों के पक्ष में एक बड़ा और सकारात्मक फैसला देखने को मिलेगा

