हम भारती न्यूज़
मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह
संभल से खास खबर
–19 मानकों के संतृप्तीकरण के साथ रोबोटिक-साइंस लैब, 32 सीसीटीवी, वाई-फाई और 500 सीटर ऑडिटोरियम से लैस हुआ कंपोजिट विद्यालय; कॉन्वेंट को दे रहा मात
–नवोदय का हॉस्टल छोड़ अपने परिषदीय विद्यालय लौटे तीन छात्र; 9 मेधावियों ने छात्रवृत्ति में फहराया परचम, एक छात्र की श्रीहरिकोटा तक पहुंची उड़ान
–निजी स्कूलों की चमक छोड़ दाखिले के लिए कतारों में खड़े अभिभावक; दुर्लभ औषधियों व फल-सब्जियों से सजी पोषण वाटिका दे रही संपूर्ण आहार
संभल, 18 सितंबर। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा की तस्वीर किस कदर बदल रही है, इसका जीता-जागता प्रमाण संभल का पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय आटा बनकर उभरा है। कभी बदहाली, संसाधनों की कमी और हीनभावना के चलते जहां ग्रामीण अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने की होड़ में रहते थे, वहीं अब ऑपरेशन कायाकल्प और वर्ष 2022 में मिले पीएम श्री योजना के दर्जे ने इस विद्यालय की पूरी काया पलट दी है।
वर्ष 2025 में जनपद के 16 पीएम श्री विद्यालयों के कायाकल्प अभियान के तहत तय 19 मानकों का शत-प्रतिशत संतृप्तीकरण किया गया। नतीजतन, निजी व कॉन्वेंट स्कूलों की भारी-भरकम फीस और चमक-दमक छोड़ अभिभावक अब अपने बच्चों का दाखिला कराने के लिए यहाँ कतारों में खड़े नजर आते हैं। आज यहाँ का नामांकन रिकॉर्ड 537 छात्र-छात्राओं तक पहुंच गया है।
1980 की इमारत, अत्याधुनिक ढांचा और 24 घंटे सौर ऊर्जा से जगमग परिसर
वर्ष 1980 की पुरानी इमारत होने के बावजूद निरंतर बेहतर रखरखाव और आधुनिक निर्माण के दम पर पूरे विद्यालय को विश्वस्तरीय स्वरूप दिया गया है। परिसर में 24 घंटे निर्बाध चलने वाला सोलर पैनल सिस्टम स्थापित है, जिससे बिजली की निर्भरता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। स्कूल में आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार, झूलों से सुसज्जित सुंदर बाल पार्क, 500 बच्चों की क्षमता वाला भव्य ऑडिटोरियम, दिव्यांग-सुलभ आधुनिक शौचालय और जिला पंचायत स्तर से निर्मित उत्कृष्ट स्वच्छता सुविधाएं मौजूद हैं। इसके साथ ही पूरे परिसर में पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगा है, जिससे सभी कक्षाओं में एक साथ संवाद संभव होता है।
हाईटेक शिक्षा: रोबोटिक लैब से लेकर स्मार्ट क्लासरूम तक
कक्षा 1 से 8 तक संचालित इस कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यावहारिक और तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। स्कूल में रोबोटिक लैब, आधुनिक साइंस लैब और कंप्यूटर (आईसीटी) लैब स्थापित की गई हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका चयनिका वार्ष्णेय, जो वर्ष 2012 से यहाँ सेवारत हैं, बताती हैं कि पहले अभिभावकों में यह धारणा घर कर गई थी कि अच्छी शिक्षा केवल निजी स्कूलों में ही संभव है। लेकिन जब ऑपरेशन कायाकल्प के बाद कॉन्वेंट की तर्ज पर हाउस यूनिफॉर्म, टाई-बेल्ट और आई-कार्ड की व्यवस्था लागू की गई, तो बच्चों के आत्मविश्वास में जबर्दस्त उछाल आया। 500 मीटर की परिधि में स्थित एक अन्य प्राथमिक विद्यालय का 5 शिक्षकों सहित संविलियन होने के बाद यहाँ 15 शिक्षकों का सशक्त स्टाफ बिना किसी व्यवधान के शिक्षण व्यवस्था संभाल रहा है।
अकादमिक कीर्तिमान: नवोदय छोड़ लौटे छात्र, एनएमएमएस में 9 का चयन और श्रीहरिकोटा का सफर
शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्कूल ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए। जिले भर में एकमात्र इसी विद्यालय से 3 छात्रों का चयन प्रतिष्ठित जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ। नवोदय में आवासीय हॉस्टल और मुफ्त सुविधाओं के बावजूद तीनों छात्र अपने पीएम श्री स्कूल के अपनत्व, उच्च शैक्षणिक स्तर और आधुनिक माहौल की खातिर नवोदय छोड़कर वापस आटा विद्यालय लौट आए। वहीं, केंद्र सरकार की ‘राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति’ (एनएमएमएस) परीक्षा में विद्यालय के 9 बच्चों ने सफलता प्राप्त कर प्रत्येक ने 48-48 हजार रुपये की छात्रवृत्ति हासिल की, जिसे आगामी सत्र में 18 तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिले में अव्वल आकर यहाँ का एक छात्र विभाग के सौजन्य से हवाई यात्रा कर इसरो के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कर लौटा है।
खेल के मैदान से अयोध्या तक चमकी प्रतिभाएं, डिजिटल मंचों पर गूंज
पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद की गतिविधियों को दैनिक दिनचर्या में शामिल किया गया है। ब्लॉक स्तरीय व्यायाम शिक्षक व खेल अनुदेशक के मार्गदर्शन में तैयार छात्राओं की कबड्डी टीम मंडल स्तर पर उपविजेता रही। इसी टीम की खिलाड़ियों ने कक्षा 9 में पहुंचकर अयोध्या में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में संभल का प्रतिनिधित्व कर जिले का नाम रोशन किया। विद्यालय के अपने यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर जब बच्चों की इन शैक्षणिक और खेल उपलब्धियों को साझा किया जाता है, तो छात्रों और अभिभावकों का उत्साह दोगुना हो जाता है।
पोषण वाटिका से औषधीय ज्ञान और मेन्यू आधारित संतुलित मिड-डे मील
परिसर में एक अत्यंत समृद्ध पोषण वाटिका विकसित की गई है। इसमें मिड-डे मील के लिए बैंगन, हरी मिर्च, धनिया जैसी ताजी सब्जियों के साथ-साथ केला, पपीता, अमरूद और अनार जैसे फलों के वृक्ष लहलहा रहे हैं। स्वास्थ्य और बॉटनिकल ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए यहाँ स्टीविया, इंसुलिन, सिंदूर, पान, सुख-शांति, पारिजात और ऑल-स्पाइस जैसे अत्यंत दुर्लभ औषधीय पौधे लगाए गए हैं। पीएम पोषण योजना के तहत कड़े नियमों और गुणवत्तापूर्ण मेन्यू का पालन होता है—सोमवार को ताजे फल, रोटी और सब्जी; मंगलवार को दाल-चावल; बुधवार को दूध और पौष्टिक तहरी; गुरुवार को दाल-रोटी; शुक्रवार को विशेष तहरी; तथा शनिवार को सोयाबीन व मौसमी सब्जियों से युक्त तरीदार सब्जी-चावल छात्रों को परोसा जाता है।
