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ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की जयंती पर किया गया नमन

 ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की जयंती पर किया गया नमन 



हम भारती न्यूज से गोरखपुर जिला ब्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव


नाथ संप्रदाय के मुख्य पीठ गोरक्षनाथ पीठ के पूर्व पीठाधीश्वर, गोरखपुर लोकसभा सीट से रहे पूर्व सांसद ,राम मंदिर निर्माण के अग्रदूत ब्रह्मलीन पूज्य महंत अवैद्यनाथ जी महाराज की जयंती पर आज नगर पंचायत बांसगांव  के  वार्ड नंबर 12 में युवाओं द्वारा जयंती पर नमन किया गया। इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष परमवीर सिंह ने कहा कि स्वर्गीय महंत जी ने राम मंदिर के निर्माण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने हिंदुत्व की भावना को भी आगे बढ़ाया और विश्व हिंदू परिषद के माध्यम से संपूर्ण विश्व के हिंदुओं में एकता की भावना को भी बढ़ाने का प्रयास किए। लगातार विधायक/ सांसद रहने के दौरान किसी भी गरीब दुखिया की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक जन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लड़ाई लड़े।हिमालय और कैलाश मानसरोवर की यात्रा और साधना से शैव धर्म से गहरे प्रभावित श्री महंथ जी पहली बार १९४० में अपनी बंगाल यात्रा के दौरान मेंमन सिंह (तत्कालीन बंगाल) में श्री निवृति नाथ जी के माध्यम से श्री दिग्विजय नाथ जी से मिले | ८ फ़रवरी १९४२ को आप गोरक्षपीठ के उत्तराधिकारी बन गए | और इस तरह मात्र २३ साल की अवस्था में श्री कृपाल सिंह बिष्ट से अवैद्यनाथ बनकर विश्वमंच पर एक दैदीव्य्मान अक्षय प्रकाश पुंज के रूप में सदैव के लिए अमर हो गये |


आजन्म विवादों से दूर रहने वाले, विरक्त सन्यासी, सज्जन, सरल और सुमधुर और मितभाषी व्यक्तित्व के धनी श्री अवैद्यनाथ जी ने श्री रामजन्म भूमि आन्दोलन को मात्र गति ही नहीं दिया अपितु एक संरक्षक की भाँती हर तरह से रक्षित और पोषित किया |हिन्दू धर्म में ऊंच-नीच दूर करने के लिए उन्होंने लगातार सहभोज के आयोजन किए। इसके लिए उन्होंने बनारस में संतों के साथ डोमराजा के घर जाकर भोजन किया और समाज की एकजुटता का संदेश दिया। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देते हुए उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़ी शैक्षणिक संस्थाओं के अध्यक्ष के अलावा वे मासिक पत्रिका योगवाणी के संपादक रहे। योग व दर्शन पर लगातार लिखा। गोरक्षपीठ से जुड़ी चिकित्सा, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में काम कर रही करीब तीन दर्जन संस्थाओं के अध्यक्ष एवं प्रबंधक थे। इस अवसर पर राकेश सिंह, शत्रुघ्न सिंह, सत्यव्रत सिंह, ऋषभ सिंह, वीरेंद्र सिंह, सत्यम, सूर्यवीर सिंह वह अन्य लोग उपस्थित रहे।

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