फिर जनता दरबार में पहुंचे 800 से अधिक फरियादी:भाजपा नेता बोलीं- अपराधियों पर नहीं हुई कार्रवाई, वसीयत के लिए रिश्वत मांग रहा लेखपाल
हम भारती न्यूज से गोरखपुर जिला ब्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव
तीन दिनों के दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे दिन गुरुवार को भी गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगाया। दूसरे दिन भी यहां 800 से अधिक लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। हिंदु सेवाश्रम में सीएम ने करीब 150 लोगों से एक- एक कर मुलाकात की और उनकी समस्या सुन निस्तारण का भी भरोसा दिलाया। जबकि यात्री निवास में मौजूद करीब 600 लोगों की शिकयत सुनने का उन्होंने अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन के लोगों को निर्देशित किया।
पहले भी लगा चुके हैं जनता दरबार में गुहार
दूसरे दिन भी सबसे अधिक शिकायतें जमीनी विवाद भी पहुंची। इसके बाद पुलिस से जुड़े मामले भी अधिक रहे। भाजपा नेता से लेकर आम पब्लिक ने सीएम से जमीनी कब्जा और भू- माफियाओं की शिकायत की। किसी ने भू- माफियाओं से जान का खतरा बताया तो किसी ने लेखपाल के रिश्वत मांगने की शिकायत की।
अधिकांश मामले ऐसे थे, जो पहले भी जनता दरबार में गुहार लगा चुके थे। बावजूद इसके उन्हें कोई मदद नहीं मिली। यह सुनकर सीएम नाराज भी हुए। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि राजस्व टीम और पुलिस साथ मिलकर जमीनी विवादों को हल कराएं।
CM ने वहां मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि राजस्व टीम और पुलिस साथ मिलकर जमीनी विवादों को हल कराएं।
आईए, ऐसे कुछ मामले आपको बताते हैं, जो आज जनता दरबार में पहुंचे।
जनता दरबार में शिकायत के बाद भी नहीं मिली मदद
बासगांव बेलकुर की रहने वाली भाजपा की मंडल अध्यक्ष सरोज सिंह भी जनता दरबार में पहुंची थीं। उन्होंने सीएम को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई कि उनके पति ने 2014 में 30 डिस्मील जमीन खरीदी थी। जिसकी रजिस्ट्री और खारिज दाखिल भी हो गया है। लेकिन गांव का अपराधी धननंजय सिंह जमीन को लेकर आए दिन विवाद करता है। जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने सीएम को बताया कि इससे पहले भी वे जनता दरबार में 20 जून को इसकी शिकयत कर चुकी हैं।
जबकि इससे पहले IGRS पर भी उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सीएम ने वहां मौजूद अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
महाराज जी...भू- माफियाओं से बचा लीजिए
चौरीचौरा के राघवपट्टी के रहने वाले जयप्रकाश सिंह ने खुद की जान का भू- माफियाओं से खतरा बताया। उन्होंने सीएम से गुहार लगाई कि भू- माफिया अमित जायसवाल उर्फ रिंकू और पिंटू जायसवाल आए दिन मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। कहा कि दोनों भू- माफियाओं ने मेरे चाचा का फर्जी आधार कार्ड बनवा कर उनकी जमीन फर्जी ढंग से रजिस्ट्री करा ली है।
जिसकी पुलिस से लेकर SSP और आपके जनता दरबार में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सीएम से कहा कि महाराज जी... भू- माफियाओं से बचा लीजिए। नहीं तो वे हमें मार देंगे। सीएम ने अधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
रिश्वत मांग रहा है लेखपाल, 6 महीने से नहीं लगाई रिपोर्ट
वहीं, कैंपियरगंज कुनवार के रहने वाले रमाकांत सिंह ने सीएम से गुहार लगाई कि वे अपने पिता सुबरन सिंह की जमीन अपने नाम वसीयत कराना चाहते हैं। जिसके लिए उन्होंने कैंपियरगंज तहसील के लेखपाल को आवेदन दिया था। लेकिन लेखपाल इसके एवज में 4 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था। जिसे देने से मैंने इंकार कर दिया।
कहा कि सभी दस्तावेज उन्हें दे दिया है। लेकिन इसके बाद भी 6 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक उन्होंने मेरी वसीयत नहीं की। रमाकांत ने लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अपनी वसीयत कराने की गुहार लगाई। सीएम ने वहां मौजूद डीएम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
