बदमाशों में एनकाउंटर का खौफ हो रहा खत्म:परिवारिक हत्या में एक्शन में नहीं आती गोरखपुर पुलिस, 'शूटर' की परछाई भी नहीं छू पाती
हम भारती न्यूज से गोरखपुर जिला ब्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव
गोरखपुर पुलिस के एनकाउंटर का खौफ अब बदमाशों में खत्म हो गया है। अब दूसरे जिले से आए भाड़े के शूटर शहर में बेखौफ हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस प्रोफेशनल क्रिमिनल को पकड़ नहीं पा रही। यही वजह है कि भाड़े के शूटर ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
ऐसे 3 केस आपको बताते हैं, जिनके शूटर पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं
केस: 1
शूटर को दी थी 3 लाख की सुपारी
बीती 10 जुलाई को हरपुर बुदहट इलाके के रघुनाथपुर में महिला प्रधान दुर्गावती को चार बदमाशों ने गोली मार हत्या कर दी थी। मामले में पूर्व प्रधान पप्पू शुक्ला पर हत्या का आरोप है। उन्होंने शूटर को 3 लाख रुपए में महिला प्रधान को मारने की सुपारी दी थी।
घटना के दूसरे ही दिन पुलिस ने इसमें शामिल शॉर्प शूटर संजय यादव को अरेस्ट कर घटना का खुलासा किया। शूटर संजय यादव पर 32 हत्या के केस दर्ज हैं। इस मामले में अन्य शूटर अभी फरार चल रहे हैं।
केस: 2
पुलिस को पता भी नहीं कितना बड़ा शूटर है शैलेंद्र
बीती 4 जुलाई की देर रात चरनलाल चौक पर रिटायर्ड दरोगा के बेटे रोहित सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम रोहित के दोस्तों ने ही दिया था। पुलिस की जांच में यह बात आई कि 5 लाख रुपए के लिए रोहित की हत्या हुई थी। घटना में शामिल शैलेन्द्र यादव शॉर्प सूटर भी है। शैलेंद्र ने बिहार में सिवार के तेजाब कांड के मुख्य आरोपी की गोली मारकर हत्या की थी। इसके अलावा वह बलिया में भी भाजपा विधायक की हत्या में भी शामिल था। गोरखपुर से बिहार तक की कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है। शैलेन्द्र यादव के नाम कई बड़े शूटरों के साथ जोड़ा जाता है।
केस: 3
पुलिस को पता नहीं आखिर कौन थे शूटर
बीते 24 जून को सब्जी कारोबारी राजेन्द्र दुबे की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सुबह वे सब्जी लेकर वापस घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बदमाशों ने उनके सीने में सटाकर गोली मारी थी। मामले में जमीनी विवाद में हत्या की बात सामने आई। लेकिन हत्या करने का तरीका देखकर वहां के लोगों ने कहा कि शूटर की तरह बदमाश ने गोली मारी है। पुलिस ने भी इस बात को माना कि इस हत्या में किसी शूटर का इंवॉल्वमेंट हो सकता है। लेकिन अभी तक गोली मारने वालों का नाम पता पुलिस नहीं पता लगा पाई।
अब वो वारदातें, जिनकी स्टेट में चर्चा हुई
4 जुलाई : कोतवाली इलाके में दरोगा के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
7 जुलाई : गुलरिहा इलाके में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
8 जुलाई : कैंट इलाके में मंदिर की देखभाल करने वाली बुजुर्ग महिला की हत्या हुई थी।
10 जुलाई : हरपुर बुदहट में महिला प्रधान के घर चढ़कर हत्या का प्रयास।
24 जून: बड़हलगंज में सब्जी कारोबारी की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या हुई थी।
25 जून : बहन का वीडियो बनाने से रोकने पर युवक की हत्या हुई थी।
27 जून : एक किशोरी के साथ कुस्म्ही जंगल में गैंग रेप हुआ था।
SSP कहते है, फरार चल रहे बदमाशों की तलाश जारी
गोरखपुर के एसएसपी गौरव ग्रोवर का कहना है," हत्या हो या फिर कोई अन्य वारदात, अधिकांश मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जो फरार चल रहे हैं, उनकी तलाश जारी है। जिन मामलों में शूटर शामिल हैं, उनकी गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच और स्वॉट टीम को भी लगाया गया है। अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस की भी मदद ली जा रही है।"
