फर्जी वोट डालने पर लगेगा 440 वोल्ट का झटका
हम भारती न्यूज से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास खबर
गोरखपुर गीडा आई टी एम, गीडा, गोरखपुर के छात्रों नें भविष्य में चुनाव के लिये स्मार्ट एआई वोटिंग मशीन डिज़ाइन किया है। इसको आईटीएम गीडा के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग व बीए,एलएलबी के छात्र सहादत अली, सुमेधा मिश्रा, रौनक गुप्ता, निखिल गुप्ता नें मिलकर कॉलेज मे स्थापित इन्नोवेशन लैब में 20 दिनों में तैयार किया है। छात्र सहादत अली नें बताया कि आज के समय मे तकनीकी का प्रयोग बहुत तेज़ी से बढ़ रहा हैं,इसी को ध्यान में रखते हुए हम लोंगो नें स्मार्ट एआई वोटिंग मशीन डिज़ाइन किया है।
कैसे करता हैं काम स्मार्ट वोटिंग मशीन
ये स्मार्ट वोटिंग मशीन कई विशेषताओं से युक्त हैं। इसकी सबसे बड़ी बात यह है की ये वैलेट पेपर के साथ फिंगर प्रिंट बेस पर काम करता है। इस टेक्नोलॉजी के जरिये कोई व्यक्ति सिर्फ एक बार ही अपने चुनिंदा प्रत्याशी के चुनाव चिन्ह के सामने लगे बटन को दबा कर अपना मतदान कर सकता है। लेकिन किसी ने दोबारा फर्जी वोट डालने की कोशिश की तों फिंगर प्रिंट में फिंगर रखते ही तेज अलर्ट के साथ फर्जी वोट डालने वाले को 440 वोल्ट करंट का झटका लग सकता है।
नहीं जरूरत सुरक्षा हेतु पुलिस व सी.आर.पी.एफ जवानों की
इलेक्शन के समय बैलेट बॉक्स व ईवीएम को सुरक्षित रखने के लिये पुलिस व सी.आर.पी.एफ जवानों को जब तक वोटों की गिनती नहीं हो जाती, तब तक बैलेट बॉक्स ईवीएम की सुरक्षा करनी पडती है। लेकिन स्मार्ट एआई वोटिंग मशीन की वायरलेस तकनीक इतनी मजबूत होंगी कि स्मार्ट बैलेट बॉक्स के अंदर पड़े वोट की सुरक्षा खुद ये वोटिंग स्मार्ट बैलेट बॉक्स एआई मशीन करेगा। स्मार्ट एआई वोटिंग मशीन बनाने वाले छात्रों ने नें बताया कि एआई वोटिंग मशीन को जबरन तोड़ने या इसमें किसी भी तरह से छेड़छाड़ करने पर स्वतः थाने के साथ-साथ चुनाव अधिकारियों को सुचना हों जायेगी। रौनक गुप्ता नें बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा स्मार्ट बैलेट बॉक्स को चोरी करने की कोशिश या पानी में फेका गया या तोड़ा गया तों तेज अलार्म के साथ लोकशन की जानकारी भी सम्बंधित अधिकारयों को हो जायेगा। छात्रों नें बताया एआई वोटिंग मशीन को हमने भविष्य को ध्यान मे रख कर डिज़ाइन किया है। इस वोटिंग मशीन में डाले गये वोट की जानकारी और डेटा हजारों किलोमीटर दूर चुनाव अधिकारियो के कार्यालय या पुलिस विभाग के हेडक्वाटर में सेव कर सकतें है।
एआई वोटिंग मशीन बनाने मे लगे उपकरण व समय
एआई वोटिंग मशीन बनाने काउंटिंग मीटर, फिंगर प्रिंट स्कैनर , अलार्म, कैलकुलेटर , रिसीवर, रिले 5 वोल्ट, अलार्म, स्टील बॉक्स, स्विच, IR सेंसर, 9 वोल्ट बैटरी इत्यादि चीज़ों का इस्तेमाल कर तैयार किया है। इसे बनाने में लगभग 20 सें 25 हजार रूपये का खर्चा आया और 20 दिनों का समय लगा है।
क्या कहना हैं संस्थान के निदेशक डॉ एन के सिंह का
संस्थान के निदेशक डॉ एन के सिंह नें बताया कि हमारे संस्थान के इंनोवेशन लैब में छात्र-छात्राएं अपने यूनिक आईडिया को वास्तविक रूप देते हैं, इनोवेशन लैब में कोई भी छात्र किसी भी विभाग सें हों अपने आईडिया पर शोध कर सकते है। आपका एक आईडिया देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है ऐसे छात्रों को बस एक मंच देने की जरुरत होती हैं और आईटीएम संस्थान ऐसे छात्रों की हर संभव मदद करने के लिए सदैव तत्पर रहता है।
इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल, डॉ मनोज मिश्रा सहित संस्थान के सभी शिक्षकों ने छात्रों को शुभकामनायें देते हुए प्रसन्नता व्यक्त किया।
