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गर्भावस्था में शीघ्र पंजीकरण और कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच आवश्यक

 गर्भावस्था में शीघ्र पंजीकरण और कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच आवश्यक



सीएमओ ने आकांक्षी ब्लॉक कैम्पियरगंज की सीएचओ और एएनएम का किया अभिमुखीकरण


गर्भावस्था में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने का तरीका सिखाया


गोरखपुर जिले के सीएमओ डॉ राजेश झा ने शुक्रवार को कैम्पियरगंज सीएचसी पर आयोजित सीएचओ और एएनएम के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को गर्भावस्था में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने का तरीका बताया। आंकाक्षी ब्लॉक कैम्पियरगंज की सीएचओ और एएनएम के अभिमुखीकरण के दौरान सीएमओ ने कहा कि किसी भी महिला के गर्भास्था का पता चलते ही शीघ्र पंजीकरण कर सेवाएं देना और पूरी गर्भावस्था में कम से कम चार बार प्रसव पूर्व जांच आवश्यक है।


सीएमओ डॉ झा ने कहा कि शीघ्र पंजीकरण के लिए सभी आशा कार्यकर्ता को प्रेरित करें कि वह अपने क्षेत्र की लक्ष्य दंपति से निरंतर सम्पर्क में रहें। लक्ष्य दंपति तक शीघ्र पंजीकरण के महत्व का सही संदेश पहुंचेगा तो वह खुद आशा कार्यकर्ता के जरिए पंजीकरण कराएंगे। शीघ्र पंजीकरण से समय से फोलिक एसिड की दवाएं व आयरन की दवाएं  देना संभव होता है और उच्च जोखिम गर्भावस्था की भी समय से पहचान हो पाती है। इससे गर्भवती को स्वास्थ्य सेवा का अधिक अवसर प्राप्त होता है और गर्भवती का जटिलताओं से भी बचाव होता है। यह जच्चा व बच्चा के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। डॉ झा ने बताया कि गर्भावस्था में रक्तचाप, मधुमेह, हीमोग्लोबिन, वजन, पेट की जांच और यूरिन की जांच आदि अनिवार्य तौर पर की जानी चाहिए। अगर इनमें से किसी भी जांच का परिणाम खतरे का संकेत दे तो गर्भवती को तुरंत नजदीकी अस्पताल के चिकित्सक के पास संदर्भित किया जाना चाहिए।


सीएमओ ने कहा कि सभी सीएचओ अपने यहां के तीस वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की वर्ष में एक बार मधुमेह और रक्तचाप के लिए स्क्रिनिंग अवश्य करें। डॉ झा ने प्रतिभागियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके क्षेत्र के सभी बच्चों का सम्पूर्ण टीकाकरण हो जाए। उन्होंने जिले में चल रहे टीका उत्सव और आयुष्मान भारत अभियान को सफल बनाने की भी अपील की। डॉ झा ने निर्देश दिया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पर्याप्त साफ-सफाई होनी चाहिए। साथ ही किसी भी वीएचएसएनडी सत्र पर आवश्यक उपकरणों की कमी नहीं होनी चाहिए।


इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय, मैटरनल हेल्थ कंसल्टेंट डॉ सूर्य प्रकाश, बीपीएम मो अकीब, बीसीपीएम, आदिल फखर और सहयोगी संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और यूएनडीपी के प्रतिनिधिगण भी मौजूद रहे।

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