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आईजीआरएस रैंकिंग में चंदौसी तहसील प्रदेश में बना नंबर-1

 हम भारती न्यूज़ 

मंडल ब्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह 

संभल से खास खबर 


आईजीआरएस रैंकिंग में चंदौसी तहसील प्रदेश में बना नंबर-1



-डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया की 'जीरो टॉलरेंस' नीति लाई रंग, राजस्व और पुलिस के समन्वय से रचा इतिहास

-'भरोसे की पर्ची' और हाईटेक कंट्रोल रूम से हो रही मॉनिटरिंग, अब फरियादियों को कलेक्ट्रेट की दौड़ से मिली मुक्ति


संभल, 10  फरवरी । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सुशासन' के संकल्प को संभल प्रशासन ने धरातल पर उतार दिया है। जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) की जनवरी-2026 की मासिक रैंकिंग में संभल की चंदौसी तहसील ने पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के कड़े अनुशासन और 'ऑन-स्पॉट' निस्तारण की नीति के चलते चंदौसी तहसील ने 100 में से 100 अंक हासिल कर प्रदेश की अन्य सभी तहसीलों को पीछे छोड़ दिया है।


आंकड़ों में सफलता की कहानी

आईजीआरएस लिपिक विलियम फातिमा द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी माह में कुल 220 से अधिक संदर्भ प्राप्त हुए थे। जिलाधिकारी की विशेष सेल और एसडीएम चंदौसी के नेतृत्व में इन शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया गया। 


रैंकिंग रिपोर्ट के अनुसार:

 * मार्किंग स्कोर: 10/10 (शिकायतों को समय पर संबंधित विभाग को भेजना)

 * डिफॉल्टर स्कोर: 20/20 (एक भी शिकायत समय सीमा से बाहर नहीं रही)

 * निस्तारण फीडबैक: शिकायतों के समाधान के बाद जब शासन स्तर से शिकायतकर्ताओं को फोन किया गया, तो संभल ने वहां भी बाजी मारी।


कंट्रोल रूम से सीधी नजर, 'भरोसे की पर्ची' बनी सहारा

बहजोई स्थित कलेक्ट्रेट में स्थापित आईजीआरएस कंट्रोल रूम इस सफलता का मुख्य केंद्र है। यहां जिलाधिकारी स्वयं शिकायतों की समीक्षा करते हैं। जो लोग डिजिटल तकनीक का उपयोग नहीं जानते, उनके लिए डीएम द्वारा शुरू किया गया 'भरोसे की पर्ची' कार्यक्रम मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसके माध्यम से ग्रामीण और अनपढ़ व्यक्ति अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं, जिसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।


केस स्टडीज: जब धरातल पर पहुंचा प्रशासन

चंदौसी तहसील के नंबर-1 बनने के पीछे केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि मौके पर जाकर किए गए समाधान हैं- 

* विद्युत विभाग की जवाबदेही तय: अकबरपुर चितौरी के मथुरा प्रसाद के घर की दीवार पर विद्युत पोल झुका था, जिसे विभाग ठीक नहीं कर रहा था। आईजीआरएस पर शिकायत के बाद विभाग को झुकना पड़ा और पोल को सीधा कर पीड़ित को राहत देते हुए शिकायत का निस्तारण उसी दिन कर दिया गया। 

* राजथल में अवैध कब्जे पर चला डंडा: ग्राम राजथल के मुन्ने पुत्र कुदरतउल्ला ने गाटा संख्या 278 (नवीन परती) और गाटा संख्या 179 (तालाब) पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। राजस्व टीम ने मौके पर जाकर पैमाइश की और सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी।

 * खजरा खाकम में चकमार्ग विवाद का अंत: नेम सिंह पुत्र भूप सिंह की शिकायत पर तहसीलदार चंदौसी ने राजस्व टीम के साथ ग्राम खजरा खाकम में गाटा संख्या 213 और 214 (चकमार्ग) की पैमाइश कराई। वर्षों से उलझे इस सीमा विवाद को मौके पर ही निपटाकर जियो-टैग फोटो पोर्टल पर अपलोड की गई।

 * गुलशन को मिला प्लाट पर हक: कस्बा नरौली की गुलशन पत्नी सुलेमान के प्लाट पर विपक्षी निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे थे। पुलिस विभाग (थाना बनियाठेर) ने आईजीआरएस शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर शांति व्यवस्था कायम कराई और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर शिकायत का निस्तारण कराया।

 

डीएम का संकल्प: अब पूरे जिले को बनाएंगे नंबर-1

जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि तहसील स्तर पर मिली इस सफलता के बाद अब अगला लक्ष्य पूरे संभल जनपद को प्रदेश की रैंकिंग में शीर्ष पर लाना है। इसके लिए महीने में दो बार सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि निस्तारण में लापरवाही या फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


नतीजा: समाधान दिवसों पर कम हुई भीड़

प्रशासन की इस सक्रियता का सीधा असर अब देखने को मिल रहा है। पहले तहसील और कलेक्ट्रेट में समाधान दिवस के दौरान फरियादियों की जो लंबी कतारें लगती थीं, उनमें काफी कमी आई है। जनता का भरोसा जनसुनवाई पोर्टल और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर बढ़ा है, जो योगी सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

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