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भारतीय शिक्षा बोर्ड की जनपद सम्भल की संगोष्ठी आज दिनांक 17-03-2026 को कलेक्ट्रेट सभागार बहजोई में हुई सम्पन्न ।*

 *हम भारती न्यूज़ 

मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह 

संभल से खास खबर 


भारतीय शिक्षा बोर्ड की जनपद सम्भल  की संगोष्ठी आज दिनांक 17-03-2026 को कलेक्ट्रेट  सभागार बहजोई में हुई सम्पन्न ।*




 सम्भल ( बहजोई) 17 मार्च 2026। 

भारतीय शिक्षा बोर्ड की जिला स्तरीय  संगोष्ठी  आज कलक्ट्रेट सभागार में 1.00बजे  सम्पन्न हुई । संगोष्ठी में प्रमुख वक्ता के तौर पर डा.एन पी सिंह पूर्व आईएएस चेयरमैन  भारतीय शिक्षा बोर्ड, एवं मुख्य अतिथि जिलाधिकारी   डॉ राजेन्द्र  पैंसिया  एवं विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी  गोरखनाथ भट्ट ,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा  एवं जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेश कुमार रहे । सर्वप्रथम सभी अतिथियों ने मिलकर वेद मन्त्रों के साथ दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ । गोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ  एन पी सिंह चैयरमेन भारतीय शिक्षा बोर्ड सेवानिवृत आईएएस ने विस्तार से समस्त जिलों से पधारे विद्यालयों के प्रबंधकों/ प्राचार्यों/ उद्योपतियों से विस्तार से भारतीय शिक्षा बोर्ड की आवश्यकता के बारे में विस्तार  से चर्चा की । श्री सिंह ने बताया कि आधुनिक पाश्चात्य शिक्षा के परिवेश में शिक्षा में भारतीय संस्कृति और संस्कारों का अभाव है और केवल धन कमाने का ही उद्देश्य है हमारे भारत में लगातार छात्र छात्राओं का नैतिक पतन हो  जा रहा है पढ़ लिखकर भी  बच्चे अपराध करने से नहीं डर रहे आये दिन बलात्कार आत्महत्याएं बढ़ रही हैं , भौतिक चकाचौंध  के बातावरण में माता-पिता का अपमान, सामाजिक समरसता, राष्ट्रके प्रति सकारात्मक सोच का अभाव दीखता है । भारतीय शिक्षा बोर्ड की मूल भावना है बच्चों को भारतीय संस्कृति, वेद, शास्त्र , उपनिषद, गीता आध्यात्मिक शिक्षाओं के साथ आधुनिक कंप्यूटर साइंस व सनातन के साश्वत मूल्यों के साथ प्रकृति के मूल से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण व  संस्कारयुक्त ,चरित्रवान बनाना है ।  इसके लिये भौतिकतावादी चकाचौंध से मानस का विचार परिवर्तन करना होगा।  इसके लिए सभी से निवेदन किया गया यदि भारत को सशक्त, संस्कारवान और विश्व गुरु बनाना है तो  विद्यालय   भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़ें   । मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी  डॉ राजेन्द्र पैंसिया  ने अपने सम्बोधन में कहा कि बच्चों को संस्कार देने का काम सर्वाधिक माता-पिता और आदर्श शिक्षक का होता है  उसको एक माहौल भी प्रभावित करता है इसलिए हमें बड़ी-बड़ी  फैसिलिटी युक्त इमारतों के विद्यालय की ओर अधिक आकर्षित नहीं होना है और प्राचीन वैदिक संस्कृति की ओर लौटना है और अपने देश में भारतीय संस्कृति के मूल्यों के साथ शिक्षा बहुत आवश्यक है भारत यदि जीवित रहेगा तो विश्व बचेगा यदि भारत नहीं रहा तो विश्व नहीं बचेगा । कलेक्ट्रेट के बाद डी आर रिसोर्ट में प्राइवेट व सरकारी विद्यालयों के प्रबन्धक व प्रधानाचार्यो के साथ भी शैक्षणिक  सम्वाद किया गया व गोष्ठी का संचालन सुनील शास्त्री राज्य प्रभारी भारत स्वाभिमान ने किया इस अवसर पर प्रमुखतया: श्री एम एल पटेल खण्ड शिक्षाधिकारी ,पतंजलि परिवार से श्री विपिन बिहारी राज्य प्रभारी  पतंजलि योग समिति दयाशंकर आर्य राज्य प्रभारी पतंजलि किसान सेवा समिति, आदरणीय कुलदीप जी राज्य संगठन मन्त्री  , आदरणीय शिवनन्दन जी राज्य कोर्डिनेटर एवं जिले के पदाधिकारी/कार्यकर्ता प्रमुखता: आ0 रामवीर  शास्त्री,आ0भुवनेश जी , आ0यशपाल शास्त्री जी,आ0देवदत्त जी,श्री कालाराम जी,आ0रामवीर,ज्योतिवसु जी,आ0दिनेश,आ0हरेन्द्र आर्य,आ........के अतिरिक्त काफी संख्या में उद्योगपति ,विद्यालयों के प्रबन्धक, प्राचार्यों ने सहभागिता की ।

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