नलकूप चालकों को महानगरीय आवासीय भत्ता दिलाने एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा की खामियों को लेकर जिलाधिकारी से मिला प्रतिनिधिमंडल
हम भारती न्यूज़ से उत्तर प्रदेश चीफ व्यूरो प्रमुख धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की ख़ास ख़बर
गोरखपुर 09 अप्रैल। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल आज जिलाधिकारी गोरखपुर से मिलकर ब्रह्मपुर, पिपरौली, सहजनवा एवं पाली विकास खंडों में कार्यरत नलकूप चालकों को महानगरीय आवासीय भत्ता दिलाने तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा में व्याप्त खामियों के संबंध में ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव और मदन मुरारी शुक्ल ने बताया कि इन विकास खंडों में कार्यरत नलकूप चालकों को महानगरीय आवासीय भत्ता का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि उन्हीं ग्राम सभाओं में कार्यरत शिक्षक एवं सफाई कर्मियों को यह भत्ता नियमित रूप से प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि नलकूप चालकों द्वारा इस संबंध में अधिशासी अभियंता, नलकूप खंड प्रथम, गोरखपुर को कई बार प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
परिषद ने बताया कि उपजिलाधिकारी सदर, गोरखपुर एवं उपजिलाधिकारी सहजनवा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार संबंधित क्षेत्र महानगर की परिधि में आते हैं। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी, गोरखपुर के पत्र के अनुसार इन ग्रामों में कार्यरत शिक्षकों को महानगरीय आवासीय भत्ता दिया जा रहा है। ऐसे में समान परिस्थितियों में कार्यरत नलकूप चालकों को भी यह भत्ता दिया जाना न्यायोचित है।
इसके अतिरिक्त परिषद ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा में आ रही समस्याओं को भी उठाया। परिषद के प्रतिनिधियों ने मांग की कि एनपीएस कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा कार्ड से अस्पतालों द्वारा इलाज न किए जाने की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।
जिलाधिकारी गोरखपुर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस मामले में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी तथा शासन स्तर पर भी पत्र प्रेषित कर समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।
