फिरोजाबाद में महातूफान का अलर्ट: 100 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी
डीएम की अपील— अफवाहों से बचें, सतर्कता ही सुरक्षा है; घरों में ही रहें नागरिक'
फिरोजाबाद। जनपद फिरोजाबाद और इसके आस पास के इलाकों के लिए अगले 48 घंटे बेहद भारी पड़ सकते हैं। मौसम विभाग की तरफ से जारी की गई भयानक चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने आम जनता के नाम एक बेहद जरूरी और विस्तृत अपील जारी की है जिसमें लोगों से सावधानी बरतने को कहा गया है।
मौसम केंद्र लखनऊ के मुताबिक, 29 मई शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से लेकर 30 मई शनिवार सुबह 8:30 बजे तक पूरे जिले में कुदरत का कहर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इस दौरान जिले में ये पांच बड़ी मुसीबतें एक साथ आ सकती हैं। 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और धूलभरी हवाएं, आसमान से कड़कड़ाती बिजली गिरना, भयंकर मेघगर्जन, मूसलाधार भारी बारिश और कई इलाकों में भारी ओले गिरना।
जिलाधिकारी ने सभी जनपदवासियों से कहा है कि इस चेतावनी को बिल्कुल भी हल्के में न लें। प्रशासन ने बचाव के लिए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं।
आंधी तूफान के वक्त बरतें ये सावधानी: जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, घर से बाहर कदम न निकालें। कमजोर मकानों, कच्चे घरों, टिन शेड, बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों और होर्डिंग्स के पास बिल्कुल खड़े न हों। बाइक सवार तुरंत हेलमेट पहनें और मौसम खराब होने पर किसी सुरक्षित छत के नीचे रुक जाएं। खुले में खड़ी अपनी गाड़ियों को सुरक्षित जगह पार्क करें। खिड़की दरवाजे बंद रखें और छत पर रखी ऐसी चीजें जो उड़ सकती हैं, उन्हें हटा लें।
बिजली कड़कने पर अगर आप खेत, छत या किसी मैदान में हैं, तो तुरंत वहां से हट जाएं। पेड़ के नीचे छिपने की गलती बिल्कुल न करें। मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करें और घर के टीवी, फ्रिज जैसे बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें। अगर खुले में फंस जाएं, तो सीधे जमीन पर लेटने के बजाय, दोनों पैर आपस में मिलाकर घुटनों के बल नीचे झुक जाएं।
किसानों और पशुपालकों के लिए खास सलाह: किसान भाई खेतों में काम तुरंत रोक दें। कटी हुई फसल को तिरपाल से ढककर सुरक्षित कर लें। अपने गाय, भैंस और अन्य पशुओं को खुले आसमान के नीचे से हटाकर पक्के शेड में बांधें। मौसम ठीक होने तक खेतों की सिंचाई रोक दें।
भारी बारिश और जलभराव से बचें: जलभराव वाले रास्तों और नालों के पास न जाएं। बच्चों को बारिश में नहाने या बाहर घूमने के लिए न छोड़ें। कहीं भी बिजली का तार टूटा दिखे, तो उससे दूर रहें और तुरंत बिजली विभाग को खबर करें। घरों में खाने पीने का जरूरी सामान, साफ पानी और फर्स्ट एड बॉक्स तैयार रखें।
स्कूलों और संस्थानों को निर्देश: सभी स्कूल और कॉलेज प्रबंधन मौसम पर नजर रखें। खराब मौसम के दौरान बच्चों को किसी भी हाल में खुले मैदान में न ले जाया जाए और न ही कोई एक्टिविटी कराई जाए।
अफवाहों पर न दें ध्यान: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि, "सभी नागरिक सरकारी निर्देशों का पालन करें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी अफवाह पर यकीन न करें। किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन, नजदीकी पुलिस थाने या स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।"
