निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाएगा श्रम विभाग
हम भारती न्यूज़ मंडल व्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह संभल से खास खबर
‘संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ के तहत कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक मिलेगा आर्थिक सहयोग, IIT/IIM एवं राजकीय मेडिकल कॉलेजों की फीस भी बोर्ड करेगा वहन
सम्भल (बहजोई), 07 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UPBOCW) द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को उनकी शैक्षिक स्थिति के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
योजना के तहत कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत बच्चों को ₹2,000, कक्षा 6 से 10 तक ₹2,500 तथा कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को ₹3,000 की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त कक्षा 9, 10, 11 एवं 12 उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेश लेकर अध्ययनरत होने पर विद्यालय आने-जाने के लिए साइकिल क्रय हेतु एक बार सब्सिडी अनुमन्य है।
इसी क्रम में स्नातक पाठ्यक्रम अथवा उसके समकक्ष पाठ्यक्रम में अध्ययन के लिए पात्र विद्यार्थियों को ₹12,000 की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। वहीं IIT, IIM, राजकीय मेडिकल कॉलेज अथवा अन्य राजकीय संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों की सम्पूर्ण फीस का भुगतान बोर्ड द्वारा किए जाने का प्रावधान है।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्माण श्रमिक का उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत एवं वर्तमान में सक्रिय सदस्य होना आवश्यक है। साथ ही निर्माण श्रमिक द्वारा पंजीयन के उपरांत बोर्ड की सदस्यता की अवधि कम से कम एक वर्ष (365 दिन) पूर्ण की गई हो।
आवेदन के लिए आवश्यक अभिलेख
योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी की उत्तीर्ण अंकतालिका, आगामी कक्षा में प्रवेश की शुल्क रसीद, साइकिल की रसीद तथा विद्यालय/महाविद्यालय द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र आवश्यक अभिलेखों में शामिल हैं।
ऑनलाइन किया जा सकता है आवेदन
पात्र लाभार्थी योजना के अंतर्गत स्वयं अथवा अपने निकटतम जन सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। श्रम विभाग द्वारा पात्र निर्माण श्रमिकों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी पात्र श्रमिक के बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ‘संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों तक योजना की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए तथा पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने, इसके लिए शासन की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
जारी जिला सूचना कार्यालय, सम्भल
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