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कुख्यात अपराधी अतीक अहमद हत्याकांड की उद्भेदन के लिए सर्वोच्च न्यायालय खुद ले स्वत: संज्ञान *

 हम भारती न्यूज़

संवाददाता मोहम्मद अशरफ जिला ब्यूरो चीफ सारण बिहार 


कुख्यात अपराधी अतीक अहमद हत्याकांड की  उद्भेदन के लिए सर्वोच्च न्यायालय खुद  ले स्वत: संज्ञान *



न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक ढांचे के ऊपर मंडराने लगे हैं, संकट के बादल अमित नयन


आज दिनांक 16 अप्रैल 2023 रविवार को एआईएसएफ सारण जिला सचिव अमित नयन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े प्रांत उत्तर प्रदेश में जिस तरह से पिछली रात कुख्यात अपराधी अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पुलिस की निगरानी में सेंध लगाकर जिस प्रकार तीन अपराधियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई,उस पे कई सारे सवाले निशान खड़े उठते हैं। जैसे क्या यूपी पुलिस माफिया अतीक एवं उसके भाई की सुरक्षा जानबूझकर कम कर दी, या उत्तर प्रदेश पुलिस की यह एक नई एनकाउंटर पॉलिसी का नजराना था!! ज्ञात हो कि पिछले दिनों अतीक के बेटे को इनकाउंटर में मार गिराया गया था। जिसे लेकर भी कई सारे प्रश्न खड़े हुए थे। एनकाउंटर के कुछ ही दिन बाद इस तरह के अंजाम आम से लेकर खास जनों को सोचने पर विवश कर दिया है। मीडिया के मुताबिक बेटे के मौत के बाद से अतीक डिप्रेशन में चला गया था। उसे मेडिकल चेकअप की जरूरत पड़ी। सवाल यह भी खड़ा उठता है, कि जिस समय अतीक और उसके भाई अशरफ को  मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया जाता है, उसी समय 3 लोगों द्वारा मीडियाकर्मी बनकर अतिक और  उसके भाई पर गोलियों की बौछार की जाती है। और वो 45 सेकेंड के अंदर ही ढेर हो जाते हैं। यहां सवाल मेडिकल चेकअप पर भी उठता है। अगर अतीक और अशरफ इतने अस्वस्थ थे  तो उन्हें जेल में ही क्यों नहीं स्वास्थ सुविधा मुहैया कराई गई? योगी सरकार को इन सभी प्रश्नों के जवाब न्यायालय के साथ-साथ आम जनों को भी देना होगा। जो कि इतना आसान नहीं है।नयन ने कहा कि पिछले कुछ सालों से  जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में पुलिस द्वारा खुद ही जजमेंट दिया जा रहा है वह कहीं ना कहीं हमारी न्यायपालिका के वजूद को भी समाप्त करने की कवायद जोरों-शोर पर प्रतित होती है।एआईएसएफ सारण जिला सचिव अमित नयन ने देश में आपसी सौहार्द और भाईचारे को बरकरार रखने के लिए आम जनों से शांति की अपील की है। साथ हीं  इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय से स्वत: संज्ञान लेकर जांच करने की मांग की है। ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई हो सके।

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