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प्राण पर नियंत्रण होने से मन पर नियंत्रण होता है... डाॅ. आचार्य प्रशांत जी

 हम भारती न्यूज़ 

मंडल ब्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह 

संभल से खास खबर 




कलक्ट्रेट सभागार में चित्त प्रसादन की  तीन दिवसीय कार्यशाला के अन्तर्गत अंतर्राष्ट्रीय योगाचार्य डाॅ. आचार्य प्रशांत जी द्वारा जनपद के अधिकारियों तथा शिक्षक गणों एवं कर्मचारियों को मन को प्रसन्न रखने तथा तनाव प्रबंधन पर दिया गया  व्याख्यान*


प्राण पर नियंत्रण होने से मन पर नियंत्रण  होता है... डाॅ. आचार्य प्रशांत जी


चित्त प्रसादन के अभ्यास से दूसरों के प्रति संवेदनशीलता बनी रहेगी... डाॅ. आचार्य प्रशांत जी

 

सम्भल ( बहजोई) 22मार्च 2025

आज कलक्ट्रेट सभागार में  तीन दिवसीय चित्त प्रसादन कार्यशाला  का  आज दो - दो घंटे के  तीन सत्रों में आयोजन  किया गया।  कार्यशाला के मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय योगाचार्य / व्याकरणाचार्य/ अध्यात्मिक मार्गदर्शक/  तथा वैदिक गुरुकुल डढीकर अलवर के प्राचार्य डाॅ. आचार्य  प्रशांत जी रहे। 

     कार्यशाला के अन्तर्गत जनपद स्तरीय/तहसील स्तरीय / ब्लॉक स्तरीय अधिकारी गण/ कर्मचारी गण तथा शिक्षक गण   में  कार्यकुशलता बढाने, तनाव, अवसाद दूर  किये जाने, जीवन में उत्साह, नई ऊर्जा, व बल का संचार किये जाने तथा एकाग्रता बढाने, संतोष एवं आत्मविश्वास में वृद्धि किये जाने, तनाव प्रबंधन किये जाने, विशेष प्राण क्रियाओं, एवं योगाभ्यास को सूक्ष्मता से समझने, ध्यान की स्थिति के अनुभव का कराये जाने हेतु कार्य शाला का आयोजन किया गया। 

     डाॅ. आचार्य प्रशांत जी द्वारा  द्वितीय दिवस के सत्र में प्रथम दिवस के अन्तर्गत किये गये संवाद पर चर्चा की गयी  सीखना सिखाना , स्वास्थ्य की परिभाषा पर चर्चा की तथा  शारीरिक, मानसिक एवं  सामाजिक स्वास्थ्य ।मनुष्य का वात, पित्त और कफ सम होना , प्राण के माध्यम से चित्त को सही करने की कला  आदि पर बताया । मैत्री भाव एवं करुणा भाव पर भी चर्चा के साथ ही ।  शारीरिक संतुलन के अभ्यास से  होने वाले लाभ जैसे ह्र्दय शक्तिशाली  होना  तथा भूलने की समस्या में  लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक संतुलन के अभ्यास से हाइपरटेंशन एवं   डायबिटीज की बीमारियों में लाभ प्राप्त होता है।श्वास के नियंत्रण से कार्यकुशलता बढती है तथा क्षमताओं का विकास होता है प्राण पर नियंत्रण होने से मन पर नियंत्रण होता है।  आचार्य जी ने श्वास पर नियंत्रण से संबंधित योग  निद्रा का भी अभ्यास  कराया। उन्होंने कहा कि  प्रसन्नता चित्त का विषय है। धैर्यवान होना जीवन की बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने अच्छे एवं बुरे लोगों के विषय में भी  बताया। उन्होंने पुण्यात्मा के प्रति श्रद्धा भाव रखने तथा पापात्मा के प्रति उपेक्षा का भाव रखने को कहा  ताकि  व्यक्ति का चित्त प्रसन्न रह सके। 

   आज 22 मार्च को विश्व जल दिवस होने पर मुख्य अतिथि द्वारा कार्यशाला में उपस्थित लोगों को जल शपथ दिलाई। 

    इस अवसर पर जिलाधिकारी डाॅ राजेन्द्र पैंसिया, मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा एवं समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, तहसील स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तथा पीएम श्री विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं  सम्भल श्री विद्यालय के अध्यापक गण एवं  कर्मचारी उपस्थित रहे।

   

   जारी जिला सूचना कार्यालय सम्भल।

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